मथुरा। करीब 140 वर्ष पुरानी कांग्रेस में महानगर का महापौर बनने के लिए अपने और परायों में जंग शुरू हो गई है। टिकट की लाइन में एक तरफ पार्टी से बाहर वाले हैं तो दूसरी और हमेशा पार्टी के साथ रहे कर्मठ पदाधिकारी। निगम की सामान्य सीट होने की घोषणा के साथ ही सक्रिय हुए दोनों गुट हाईकमान तक अपनी गोटी फिट करने में जुटे हैं। इधर टिकट पाने की योग्यता मापने के लिए पांच लोगों की प्रदेश स्तरीय टीम 70 वार्डों की रिपोर्ट तैयार कर रही है। वह अपनी रिपोर्ट प्रदेश स्तर की उस कमेटी को देगी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष ब्रजलाल खाबरी और जनपद के पूर्व सीएलपी लीडर प्रदीप माथुर भी शामिल हैं। टिकट की दौड़ में एक पूर्व पालिकाध्यक्ष हैं तो एक और दूसरे अन्य दल से रहे विधायक। उनके अलावा कांग्रेस के शासन में प्रदेश के मंत्री रहने वाले जनपद में प्रतिष्ठित नेता के पुत्र, पार्टी के पूर्व नगर तथा वर्तमान में नगर के पदाधिकारी भी महापौर की टिकट के लिए अपना नाम चला रहे हैं। जिला प्रभारी योगेश दीक्षित ने बताया कि जिला स्तर से करीब पांच दावेदारों के आवेदन मिले हैं। हम इन्हें हाईकमान को भेजेंगे। वार्ड वार सर्वे कर रही टीम भी प्रदेश स्तरीय टीम की रिपोर्ट भी मायने रखेगी।
आज पूर्व विधायक लेंगे कांग्रेस की सदस्यता
बसपा से विधायक रहे राजकुमार रावत शुक्रवार को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे। महानगर अध्यक्ष मदनमोहन शर्मा ने बताया कि महानगर कार्यालय पर उनके साथ अन्य लोग भी पार्टी में शामिल होंगे।