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Mathura News: चहुंओर छाया अंधेरा तब कान्हा की नगरी में दिखी रोशनी

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चौमुहां (मथुरा)। पहले पति नहीं रहे, फिर बेटा दुनिया से चला गया। एक मात्र बची बेटी का भी तलाक हो गया। दुखों का पहाड़ तो तब और टूटा जब दबंगों ने कोठी पर कब्जा कर दोनों मां-बेटी को बेघर कर दिया। सामान भी बेच डाला। हर जगह फरियाद लगाई पर किसी ने नहीं सुनी।
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दुनिया में चहुंओर अंधेरा देख, उन्हे कान्हा की नगरी में रोशनी नजर आई। दोनों कृष्ण भक्ति में लीन हैं। इस उम्मीद में कि ऊपर वाले के यहां देर है अंधेर नहीं। उसी के यहां से उन्हें न्याय मिलेगा।

यह दर्द भरी कहानी है पंजाब के फिरोजपुर जिले के माल रोड निवासी डाॅ. नीलम नंदराज एवं उनकी बेटी डाॅ. जागृति की। दोनों फिलहाल जैंत स्थित अनंतम सिटी में कृष्णभक्ति में लीन हैं। डाॅ नीलम ने बताया कि उनके पति डाॅ. धर्मपाल कुरुक्षेत्र में एक महाविद्यालय में प्राचार्य व शिक्षक संघ के प्रदेश प्रधान रहे हैं। वह स्वयं स्वयं भी सलाहकार रहीं। तैनाती के दौरान सन् 1996 में बीमारी के चलते उनके पति नहीं रहे। उनका एक मात्र बेटा अंकुर भी सन 2010 में दुनिया से चल बसा। इकलौती बची शिक्षक बेटी जागृति का तलाक हो गया।
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डाॅ. नीलम ने आरोप लगाया कि खाई गांव के एक व्यक्ति ने उनसे 250 वर्ग गज जमीन का बैनामा कराया। इसका पूरा पैसा नहीं दिया। जो चेक दिए वे बांउस हो गए। बची हुई 250 वर्ग गज की कोठी पर जबरन कब्जा कर लिया है ताला तोड़कर घर में रखा लाखों का सामान बेच दिया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीएम, एसएसपी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई। मुसीबत देख रिश्तेदारों ने भी मुंह मोड़ लिया। सन 2019 में कोविड से पहले मां-बेटी कान्हा की चौखट पर आ पहुंचीं। डलिया में ठाकुरजी को बैठाकर उन्हे सब कुछ मान लिया है। उनकी सेवा, दर्शन ही जीवन की दिनचर्या बन गई।
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