वृंदावन। वात्सल्य ग्राम स्थित समविद गुरुकुलम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पत्तल भोज के साथ रंगोत्सव मनाया गया। साध्वी ऋतंभरा ने होली का महत्व समझाते हुए कहा कि हिरणाकशिपु की बहन होलिका के प्रह्लाद को जलाए जाने पर प्रह्लाद के बचने और होलिका के भस्म होने के आधार पर मनाया जाता है। लेकिन प्रह्लाद के साथ ईश्वरीय भक्ति थी जिसके साथ ईश्वर की भक्ति का कवच होता है उसका कोई कुछ बिगाड़ नहीं पाता। प्रह्लाद सत्य पर चलने वाले ईश्वर में अटूट श्रद्धा रखने वाले भक्त थे जो अपने पिता के अत्याचारों के विरुद्ध भगवान विष्णु के भक्ति का गुणगान कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिस सत्य के साथ में तपोबल, गुरुओं का बल, ज्ञान, शिक्षा और सत्य होता है, हमेशा विजय होती है। समविद गुरुकुलम में भारतीय संस्कृति की भोजन पद्धति को दोबारा स्थापित करने की दृष्टि से सामूहिक भोज का आयोजन रखा।
छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकों ने जमीन पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। प्रधानाचार्य आस्था भारद्वाज ने कहा कि जमीन पर बैठकर पत्तल में भोजन करने से भोजन में शुद्धता प्राप्त होती है। पेट की बीमारियां नहीं होती, यह वैज्ञानिक तथ्य है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मथुरा के विधायक श्रीकांत शर्मा ने साध्वी ऋतंभरा से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर गीता शर्मा, मोहिनी, शुभम, आदित्य, श्वेता व उमा शंकर राही थे।