मथुरा। नगर निगम की बोर्ड बैठक 19 अक्तूबर को जनरल गंज स्थित निगम कार्यालय के सभागार में प्रस्तावित है। इससे पहले भाजपा पार्षद दल के नेता राजवीर सिंह के साथ पार्षदों का दल मंडलायुक्त से मिलकर बैठक में अवांछनीय तत्वों के शामिल होने पर रोक लगाने और बोर्ड बैठक के लिए अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है। इससे पहले पार्षद ने नगर आयुक्त से पिछली बोर्ड बैठक में 16 प्रस्तावों के अलावा अन्य प्रस्तावों को खारिज करने का आग्रह किया।
भाजपा पार्षद दल के नेता राजवीर सिंह के साथ पार्षद नीनू वर्मा, राजीव कुमार सिंह नगर निगम की बोर्ड बैठक से पहले मंडलायुक्त रितु महेश्वरी से मिले। उन्होंने विगत माह वृंदावन के होटल में हुई बोर्ड बैठक का हवाला देते हुए कहा कि बोर्ड बैठक में महापौर, पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के अलावा बाहरी एवं अवांछनीय तत्व शामिल होते हैं और उनका हस्तक्षेप रहता है। इस कारण पार्षद अपनी बात को बोर्ड बैठक में खुलकर नहीं रख पाते हैं, इससे बैठक का स्वरूप ही बदल गया। अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो जाता है।
पार्षदों ने बताया कि पिछली बोर्ड बैठक में नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 91 की उपधारा दो और धारा 51 की उपधारा 4, 5, 6 खुला उल्लंघन किया गया। इसलिए आगामी बोर्ड बैठक में के लिए सक्षम अधिकारी को नियुक्त किए जाने की मांग की है। मंडलायुक्त ने पार्षदों को बोर्ड बैठक को नियमानुसार संपन्न कराने का आश्वासन दिया है।
इससे पहले भाजपा पार्षद नेता राजवीर सिंह ने नगर आयुक्त से 13 सितंबर को वृंदावन के एक होटल में हुई बोर्ड बैठक में प्रस्तावित एजेंडे में शामिल 16 प्रस्तावों के अलावा अन्य प्रस्तावों को खारिज करने की मांग की गई थी। पार्षद ने बताया कि अन्य प्रस्तावों को बिना पूर्व सूचना दिए अचानक लाए गए प्रस्ताव पास किए गए। जिनको खारिज किए जाने की मांग की है।