मथुरा। गौसना गांव में हर तीसरा व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के परिषदीय स्कूल में शिविर लगाकर लोगों की जांच की। यहां कई लोगों में चिकनगुनिया के लक्षण दिखे। हालांकि टीम के सदस्य चिकनगुनिया की जांच किए बिना ही लौट आए। देर शाम जानकारी मिलने पर सीएमओ डाॅ. एके वर्मा ने टीम के सदस्यों को फटकारा और बुधवार को दोबारा गांव में जाकर चिकनगुनिया की जांच करने के निर्देश दिए।
गौसना गांव में बुखार कहर बरपा रहा है। हर दूसरे या तीसरे घर में कोई न कोई बुखार से पीडित है। कई परिवारों में तो कई कई लोग बुखार की चपेट में हैं। मंगलवार को पीएचसी राया से डाॅ. शशि शेखर की अगुवाई में पहुंची चार सदस्यीय टीम ने शिविर लगाकर यहां 56 लोगों की जांच की गई। संदिग्ध मिलने पर 15 लोगों की मलेरिया, डेंगू और टायफाइड की जांच की गई।
हालांकि कोई भी पाॅजिटिव केस नहीं आया। अधिकांश लोग वायरल बुखार से पीड़ित मिले। यहां काफी लोगों में चिकनगुनिया के लक्षण थे पर चिकनगुनिया की जांच ही नहीं गई जबकि लोगों ने इसकी मांग भी की। उधर राया में भी शिविर लगाया गया। यहां पांच लोगों में चिकनगुनिया के लक्षण मिलने पर टीम ने ब्लड सैंपल लिए और जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा है। सीएमओ ने बताया गौसना में चिकनगुनिया की जांच के लिए फिर से टीम को भेजा गया है।
दवा नहीं दे रहे, पर्चे पर लिखकर कह रहे बाहर से ले लो
स्वास्थ्य शिविर में दवा लेने पहुंचे प्रह्लाद सिंह ने बताया कि डाॅक्टर दवा न होने की बात कहकर पर्चे पर लिख कर दे रहे हैं और कह रहे हैं कि बाहर से दवा खरीद लो। कई ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया। लेकिन, चिकित्सकों ने दवा खत्म होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। सीएमओ ने इसकी भी जांच कराने की बात कही।