वृंदावन (मथुरा)। इस्कॉन मंदिर स्थित गोविंदा रेस्टोरेंट में व्रत का फलहार करने से बीमार हुए व्रतियों की तबीयत अब ठीक है। सभी 23 व्रतियों को रविवार आधी रात को ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। मामला फूड प्वाइजनिंग का होने के कारण इससे दबाया जा रहा था। इधर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाद्य सामग्री के सैंपल लिए हैं। एलआईयू और पुलिस ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि रविवार की देर शाम इस्कॉन मंदिर स्थित गोविंदा रेस्टोरेंट में व्रत का फलहार करने से लगभग 23 व्रतियों की तबीयत खराब हो गई। इन लोगों में इस्काॅन और गोविंदा रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के अलावा बाहर के श्रद्धालु बताए गए हैं। लोगों को चक्कर आना, जी मिचलाना, उल्टी और बीपी बढ़ने जैसी शिकायतें हुईं। यह देख इस्काॅन मंदिर प्रबंधन द्वारा व्रतियों को राम कृष्ण मिशन हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां लगभग एक घंटे के उपचार के बाद राहत मिल गई।
गोविंदा रेस्टोरेंट में 40 कर्मचारी काम करते हैं, जिसमें से 10 से 12 की व्रत का फलहार खाने से तबीयत बिगड़ गई थी। फूड प्वाइजनिंग जैसी कोई बात नहीं है। होली से भीड़ ज्यादा होने के कारण कर्मचारियों को आराम नहीं मिल सका था। इसलिए कुछ चक्कर जैसा शिकायत हुई थी। इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां से सभी को छुट्टी दे दी गई। हमारे यहां जो आटे से बनी खाद्य सामग्री का प्रसाद लोगों ने लिया वह मुंबई से आता है। कुछ ने छाछ का सेवन भी किया था।
- रवि लोचनदास, पीआरओ इस्काॅन वृंदावन
ये लोग हुए बीमार
गौरव शर्मा (34), लखन सिंह (21), चरण दास (32), अनिल सिंह (18), पुष्पेंद्र (18), कुलदीप (25), ऋषि (01), सीआर देवनाथ (54), खुशीराम (42), मन्नी अरोरा (41), सुशील (18), मानव (18), हरवीर (22), किशन कुमार (23), कृष्णवल्लभ (9), नागेंद्र (65), आर्यन (17), लोकेश (37), दीपेश (20) व चार अन्य शामिल हैं।
विभाग पर उठ रहे सवाल
गोविंदा रेस्टोरेंट में व्रती फलहार के सेवन से लोगों के बीमार होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों के अनुसार विभाग की कार्रवाई सिर्फ छोटे दुकानदारों और रेस्टोरेंट पर होती है, जबकि बड़े होटल और रेस्टोरेंट की ओर विभागीय अधिकारी देखते भी नहीं। सामाजिक कार्यकर्ता पंडित रमेश पुजारी ने बताया कि वृंदावन के होटलों, रेस्टोरेंट और खाद्य सामग्री की दुकानों पर मिलावट खाद्य पदार्थ की बिक्री हो रही है, मजाल विभागीय अधिकारी यहां झांक भी जाएं।
इस्कॉन मंदिर के गोविंदा रेस्टोरेंट से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने सोमवार की दोपहर समा के चावल से निर्मित खिचड़ी, सब्जी, गेहूं के आटा और घी के चार सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. गौरी शंकर, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग