मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर कारपर पत्थर फेंककर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने न अपने इरादे बता दिए थे। इसके बाद भी पुलिस अधिकारी वारदात स्थल का निरीक्षण करते रहे। बदमाशों ने 1 जून की रात को दोबारा लूट करके पुलिस को खुली चुनौती दी। बदमाशों के इस दुस्साहस के बाद पुलिस की नींद टूटी और यमुना एक्सप्रेस वे पर सुक्षा व्यवस्था बढ़ाई। इसके बाद भी बदमाश पूरे 15 दिन तक पुलिस को छकाते रहे।
सुरीर और जमुनापार थाना क्षेत्र में बदमाशों ने यमुना एक्सप्रेस पर लूट की वारदात को अंजाम देकर अपने खतरनाक मंसूबे उजाकर कर दिए थे। बदमाशों द्वारा लूट की दो वारदात और एक प्रयास के बाद तो जैसे पुलिस अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसकने लगी, क्योंकि आईजी आगरा द्वारा दिन में वारदात स्थल का निरीक्षण किया गया और इसके बाद पुन: लूट की वारदात हुई। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने आनन-फानन में एसपी सिटी के नेतृत्व में छह टीमों का गठन किया और खुलासे के निर्देश दिए। खुलासे में जुटी पुलिस पूरी रात एक्सप्रेस वे पर गश्त करने और सादा वर्दी में पेड़ों के पीछे छुपकर बदमाशों का इंतजार करती रही। इधर, मामला यमुना एक्सप्रेसवे पर लूट का होने के कारण शासन स्तर का भी पुलिस के ऊपर दबाव बना हुआ था।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि शातिर यमुना एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन 101 के पास बैठकर लूट की वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। इसकी सूचना मिली तो उन्हें घेरकर पकड़ा गया है। मुठभेड़ में तीन शातिर घायल हुए हैं। इन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। साथ ही अन्य से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के जवान पेड़ और खेतों में छिपकर करते थे इंतजार
लूट की वारदात के बाद पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। स्वयं एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय पूरे मामले की निगरानी में लगे रहे। पुलिस ने मथुरा की सीमा में आने वाले एक्सप्रेस वे के 80 किलोमीटर के हिस्से में 150 पुलिस कर्मियों को तैनात किया। पुलिस कर्मी एक्सप्रेस वे, सर्विस रोड और आसपास के खेतों से ड्यूटी कर रहे थे। एसओजी के जवान पेड़ों पर चढ़कर रात भर एक्सप्रेस वे की निगरानी में लगे हुए थे।
200 से अधिक संदिग्धों से की पूछताछ
पत्थरबाज गैंग की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 200 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। इनमें से करीब तीन दर्जन तो ऐसे संदिग्ध रहे, जो कई दिन तक पुलिस की हिरासत में रहे। पूछताछ के बदमाशों के स्केच जारी कर जनता से भी मदद मांगी।
पकड़े गए सभी रिश्तेदार, दो सगे भाई
यमुना एक्सप्रेस वे पर मुठभेड़ में पकड़े गए सभी शातिर एक ही जाति के और आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही सभी अशफाक और अजय सगे भाई हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है।
राहुल पर सबसे ज्यादा केस
मुठभेड़ में गिरफ्तार पत्थरबाज गैंग के सभी सदस्यों पर पूर्व में कई केस दर्ज हैं। राहुल पर आठ, बोसू पर चार, जल सिंह पर चार, लूच्चा पर पांच, अशफाक पर चार, पुच्ची और अजय पर तीन-तीन मामले दर्ज हैं।
मुठभेड़ स्थल पर लगी ग्रामीणों की भीड़
मुठभेड़ के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ऐसे में उन्हें मुठभेड़ स्थल से दूर रखना पुलिस के लिए चुनौती बन गया। मुठभेड़ स्थल का एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों की तैनाती की।
एडीजी निरीक्षण से कुछ घंटे पहले खुलासा
यमुना एक्सप्रेसवे पर लूट की वारदात का खुलासा पुलिस के लिए नाक का सवाल बना हुआ था। पुलिस ने एडीजी जोन राजीव कृष्ण के निरीक्षण से कुछ घंटे पहले इसका खुलासा कर वाहवाही भी लूटी, लेकिन वारदात के खुलासे के बाद शातिरों को मीडिया के सामने पेश नहीं किया और न ही किसी अधिकारी ने इस संबंध में प्रेसवार्ता की।