वृंदावन (मथुरा )। ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में शुक्रवार को गर्भगृह में चांदी की हटरी में आराध्य विराजमान हुए। चांदी की हटरी में ठाकुरजी के दर्शन के लिए दिनभर भक्तजन आतुर दिखे और बड़ी संख्या में दर्शन किए।
राधावल्लभ मंदिर में सेवायतों द्वारा धनतेरस तिथि से लाडले आराध्य राधावल्लभ लाल को चांदी की हटरी में विराजमान करने की परंपरा है। उसी परंपरा का निवर्हन शुक्रवार को मंदिर में हुआ। सुबह और शाम की बेला में मंदिर के गर्भगृह में ठाकुर राधावल्लभ लाल हटरी में विराजमान हुए। इस विशेष दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ लग गई। वहीं समाजियों ने धनतेरस पर पारंपरिक शैली में ठाकुरजी के समक्ष समाज गायन कर रिझाया।
मंदिर के मोहित मराल गोस्वामी ने बताया कि धनतेरस से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तिथि तक 17 दिन ठाकुरजी को चांदी की हटरी में विराजमान किया जाएगा। यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। धनतेरस और वर्ष के बड़े त्योहारों पर चांदी की हटरी में विराजमान कर उन पर गोस्वामियों द्वारा लाड़ लड़ाया जाता है। चांदी की हटरी में दर्शन से भक्तों को सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है।