मथुरा। प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले में यात्रियों सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनों के साथ ही करीब एक हजार अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। रेलवे और परिवहन निगम के अधिकारी इसकी रुपरेखा तैयार कर रहे हैं।
मेले के दौरान करीब 10 ट्रेनों को जंक्शन पर ठहराव दिया जाएगा। ये ट्रेनें आम दिनों में जंक्शन पर नहीं रुकती हैं। पलवल, बीना, अलवर और कासगंज से मथुरा जंक्शन तक मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा लिए मेला यात्री शेड का निर्माण किया जाएगा। जंक्शन के तीनों प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले जाएंगे।
रोडवेज के अधिकारियों के मुताबिक मेले में आगरा के अलावा मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, गाजियाबाद जिले की बसें मथुरा भेजी जाएंगी। बसों का संचालन रूट के अनुसार अलग-अलग बस अड्डों से किया जाएगा। अलीगढ़ रूट की बसों का संचालन पुराने बस अड्डे से किया जाएगा। आगरा, दिल्ली रूट की बसों का संचालन भूतेश्वर नए बस अड्डे से किया जाएगा। राजस्थान, जयपुर रूट की बसों का संचालन आईएसबीटी बस अड्डे से किया जाएगा।
वर्जन - मुड़िया पूर्णिमा मेले में अलवर, पलवल, बीना और कासगंज से विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। तीनों प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और जीआरपी के करीब 500 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जाएगी।
-प्रशस्ति श्रीवास्तव, मंडल वाणिज्य प्रबंधक
वर्जन - मुड़िया पूर्णिमा मेले में मथुरा में 1 हजार बसों का संचालन किया जाएगा। ये बसें आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद समेत अन्य जनपदों से भेजी जाएंगी। जिलेवार बसों का आवंटन हो चुका है। मेला शुरु होते ही आवंटित की गई बसों को मथुरा रवाना कर दिया जाएगा। मेले के दौरान यात्री को आने जाने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- ब्रह्म प्रकाश अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम
मुड़िया पूर्णिमा मेले में होगी धनवर्षा
फोटो- दानघाटी मंदिर में विराजमान गिरिराज प्रभु
- मंदिरों के एक माह के चढ़ावे के ठेके लाखों-करोड़ों रुपये में उठे
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा मेला 15 से 22 जुलाई तक लगेगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा लगाने के साथ ब्रजमंडल में भ्रमण करेंगे। भक्तों के आवागमन से ब्रजभूमि में धनवर्षा भी खूब होगी।
मेले में भक्तों की अनवरत शृंखला के कारण यहां रात होने का एहसास नहीं होता। भजनों की धुन सन्नाटे को परिक्रमा क्षेत्र में घुसने नहीं देती। दुकानें, गेस्ट हाउस, ढाबे आदि हर वक्त खुले नजर आएंगे। सेवाभावी प्याऊ और भंडारे लगाएंगे। इससे हर व्यवसाय में चमक दिखाई देगी। सरकारी बसें हों या डग्गेमार सभी चांदी काटेंगे। श्रद्धालुओं के आगमन से ब्रजभूमि की अर्थ व्यवस्था का सेंसेक्स आसमान छूता नजर आएगा।
मंदिर सेवायतों का अनुमान है कि मेले के दौरान भीड़ उमड़ेगी। इसी विश्वास के साथ मुकुट मुखारविंद मंदिर का एक माह के चढ़ावे सेवा का ठेका दिनेश शर्मा ने 1.31 करोड़ में, इसी मंदिर की शाखा हर गोकुल मंदिर का ठेका 47 लाख में बिहारी ने लिया है। दानघाटी मंदिर के चढ़ावे का ठेका दीपू पुरोहित ने 1.65 करोड़ में जबकि लक्ष्मी नारायण मंदिर की भेंट का ठेका हैप्पी कौशिक ने 8.70 लाख रुपये में लिया है। इसी तरह जतीपुरा मुखारविंद मंदिर का ठेका अंकित कौशिक ने 75 लाख में लिया है। एक माह में इतनी बड़ी राशि की बोली, ठेकेदारों के धन वर्षा के विश्वास को मजबूत करती है। ठेकेदार ठेके की राशि मंदिर प्रबंधन के खाते में जमा करेंगे। इसके बाद अपने खर्च को निकालेंगे। इसके बाद जो राशि बचेगी वह ठेकेदार का मुनाफा होगा। श्रीजी गार्डन के एमडी भूपेंद्र शर्मा के अनुसार गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में होटल, गेस्ट हाउस और मठ मंदिरों की संख्या करीब 200 है। इनमें से कई में 50 से 100 तक कमरे मौजूद हैं। बहुत छोटी जगह 30 कमरे मौजूद हैं। लगभग छह हजार कमरे एक महीने तक भरे रहेंगे।