सुनवाई के दौरान अदालत में पहुंचने वाले संतों का विरोध होने पर संतगण में आक्रोश है। संत मनमोहन दास, श्यामानंद पंडित, देवानंद दास व राधामोहन दास ने बताया कि यह उनकी आस्था पर आघात के बराबर है। वह लगातार अदालत आएंगे।
ठाकुर केशवदेव के भक्तगण अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह व अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी की कोर्ट कमीशन सर्वे की रिपोर्ट के मुद्दे पर सुनवाई की मांग का शाही ईदगाह एवं सुन्नी सेंट्रल बोर्ड के अधिवक्ताओं ने तीखा विरोध किया। अदालत में लिखित विरोध दर्ज भी कराया। जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। इस मुद्दे पर अदालत ने आदेश रिजर्व कर 21 जुलाई की तारीख तय की है।
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दोनों पक्षों में अदालत में बहस चल रही है कि पहले कोर्ट कमीशन सर्वे के मुद्दे पर अदालत में सुनवाई हो या फिर केस सुनने योग्य है या नहीं। शाही ईदगाह एवं सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता नीरज शर्मा व जीपी निगम ने अदालत को बताया कि पक्षकार ने 7-रूल 11-सीपीसी पर चल रही सुनवाई के दौरान ही कोर्ट कमीशन सर्वे का प्रार्थना पत्र दिया है। लिहाजा पहले केस के स्थायित्व के मुद्दे पर बहस होनी चाहिए।
जबकि पक्षकार अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने अदालत को बताया कि रंजना अग्निहोत्री के केस में जिला जज की अदालत पहले ही इस संबंध में निर्णय दे चुकी है। साथ ही एडीजे सप्तम की अदालत दिन प्रतिदिन का आदेश भी कर चुकी है। लिहाजा पहले कोर्ट कमीशन सर्वे के मद्दे पर सुनवाई होनी चाहिए।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप ने बताया कि सुनवाई के मुद्दे पर अदालत में बहस पूरी हो गई है और अब 21 जुलाई को अदालत निर्णय देगी। जबकि शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि वादी पक्ष मुकदमों को टालने से अलग-अलग प्रकार के प्रार्थना पत्र अदालत में देते रहते हैं। केस के स्थायित्व के मुद्दे पर बहस पहले से चल रही थी। इसी बीच पक्षकार द्वारा कोर्ट कमीशन संबंधी प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया।