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Mathura News: शाही ईदगाह पक्ष ने जन्मभूमि के पक्षकार आशुतोष को कोर्ट में बताया हिस्ट्रीशीटर-दुष्कर्मी

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष पांडेय की ओर से सीजेएम कोर्ट में शाही ईदगाह पक्ष के खिलाफ बिजली चोरी, नगर निगम के टैक्स चोरी आदि आरोपों के तहत दाखिल एफआईआर की अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। अदालत ने शाही ईदगाह पक्ष को दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
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वहीं, शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी पक्ष ने आशुतोष पांडेय को लेकर कोर्ट में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि यह शामली में पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। साथ ही सामूहिक दुष्कर्म, दुष्कर्म व अन्य संगीन धाराओं के 21 मुकदमों में नामजद है। जन्मभूमि का पक्षकार बनकर अपने आपराधिक इतिहास को छिपाने की कोशिश की जा रही है। आशुतोष पांडेय का श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल ट्रस्ट से कोई सरोकार नहीं है।
शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट अध्यक्ष आशुतोष पांडेय की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई। आशुतोष ने शाही ईदगाह मस्जिद सचिव पर आरोप लगाया कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार करके 49 वर्ष पूर्व शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी का रजिस्ट्रेशन कराया था। नगर पालिका और राजस्व अभिलेख में कमेटी के नाम से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। कमेटी सचिव के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। न्यायालय ने कमेटी सचिव को दस्तावेज उपलब्ध करने का निर्देश दिया।
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इसी सुनवाई के दौरान शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव तनवीर अहमद ने 21 मुकदमों व एक हिस्ट्रीशीट का रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किया। दावा किया कि इन सभी में आशुतोष पांडेय नामजद है। तनवीर अहमद ने कहा कि अपने आपराधिक इतिहास को छिपाने के लिए आशुतोष पांडेय द्वारा जन्मभूमि के नाम पर एक स्वयंभू संस्था बनाकर आड़ ली जा रही है। जबकि इनका जन्मभूमि के मूल ट्रस्ट से कोई सरोकार नहीं है। यह बाहरी व्यक्ति, पिछले काफी माह से जन्मभूमि की आड़ में अपने स्वार्थ की पूर्ति को उत्पात मचाना चाहते हैं। स्थानीय स्तर पर इन्हें कोई समर्थन प्राप्त नहीं है। ईदगाह पक्ष के पक्षकारों पर हमला करने व व्यक्तिगत नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है। उसी साजिश के तहत इस तरह के इनके द्वारा मुकदमों के दावे कोर्ट में लाए जा रहे हैं।


शाही ईदगाह मस्जिद के पक्षकार द्वारा जो मुकदमों का रिकॉर्ड अदालत में रखा है। उनमें से 4-5 मुकदमे मेरे नाम पर नहीं हैं। कई मुकदमों में हाईकोर्ट का स्टे है। कइयों में एफआर लग गई है। 3-4 मुकदमे ट्रायल पर हैं, उन पर कोर्ट से जमानत मिली हुई है। विपक्षी ने कोर्ट को गुमराह किया है। इस मामले में कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी।
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- आशुतोष पांडेय, अध्यक्ष श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट
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