मथुरा। वृंदावन के चैतन्य विहार कॉलोनी में 15 फरवरी 2023 की रात 78 वर्षीय राधेश्याम अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या-लूट में आरोपी नौकर दंपती को सोमवार को एडीजे-2 राकेश सिंह की अदालत ने दोषी नौकर दंपती को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी मुकेश गोस्वामी ने बताया कि वृंदावन के चैतन्य विहार कॉलोनी स्थित घर में 78 वर्षीय राधेश्याम अग्रवाल अकेले रहते थे। उनके नाती कृष्णा अग्रवाल ने 16 फरवरी को वृंदावन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया कि वह 16 फरवरी की सुबह बाबा के पास गया। घर में उनका शव पड़ा मिला। अलमारी से रुपये व घर से स्कूटी की लूट का भी आरोप लगाया था। घर में काम करने वाले सोनू रैकवार व उसकी गंगा उर्फ सावित्री निवासीगण ग्राम नोहटा थाना नोहटा जिला दमोह (मध्य प्रदेश) पर गायब होने के चलते शक जाहिर किया।
पुलिस ने सोनू व गंगा को नामजद किया। उनकी तलाश की। चार दिन बाद दोनों की गिरफ्तारी की गई। पूछताछ में नौकर दंपती ने बताया कि राधेश्याम उन्हें छुट्टी नहीं दे रहे थे। यह भी बताया कि गंगा पर वह बुरी नीयत भी रखने लगे थे। हत्या के बाद घर से 50 हजार रुपये व स्कूटी लूट करना कबूला। पुलिस ने इनके पास से स्कूटी, 27500 रुपये बरामद किए थे। साथ ही हत्या इस्तेमाल तवा को बरामद किया था। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद से दंपती जेल में निरुद्ध है। बीते शुक्रवार को दोनों को कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार दिया सोमवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसमें दोनों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।