मथुरा। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही ट्रेनों में सीटें फुल हो गई हैं। गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों में सीट पाने के लिए मारामारी मची है। जनरल कोच की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यात्री जान जोखिम में डालकर पायदान पर बैठकर सफर कर रहे हैं।
दिवाली के साथ-साथ छठ पर्व भी नजदीक है। मथुरा से सैकड़ों लोग बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली व अन्य प्रांतों में नौकरी कर रहे हैं। त्योहार पर घर आने के लिए ट्रेनों में पहले से ही टिकट आरक्षित हो जाते हैं। वर्तमान में पटना जाने वाली ट्रेनों की बात की जाए तो पटना कोटा एक्सप्रेस, पाटिलपुत्र हमसफर एक्सप्रेस, दानापुर स्पेशन, मगध एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ राजधानी, संपूर्ण एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में जगह नहीं है। इस रूट से आने वाली सभी ट्रेनें लगभग फुल हैं।
लंबी दूरी की ट्रेनों के जनरल कोच के पायदान पर बैठकर यात्री सफर कर रहे हैं। सीट में जगह नहीं मिलने पर वह ट्रेनों के फर्श और बाथरूम के बाहर बैठकर सफर करने को मजबूर हैं। कोटा एक्सप्रेस में स्लीपर में 125 और तृतीय एसी में 60 की वेटिंग चल रही है और मगध एक्सप्रेस में नो क्लास रूम हो गया है। जिससे इसमें जगह नहीं बची।
हमसफर एक्सप्रेस में स्लीपर में 70 और तृतीय एसी में 25 की वेटिंग 14 नवंबर तक चल रही है। बृहस्पतिवार को झेलम एक्सप्रेस में यात्री पायदान पर बैठकर यात्रा करते दिखाई दिए। जम्मू तवी से पुणे जंक्शन तक 2170 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में सीट नहीं मिलने पर यात्री के दर्द को समझा जा सकता है।
त्योहार पर चलाईं 36 स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने त्योहार को लेकर मथुरा से अलग-अलग रूटों पर जाने वाली 36 ट्रेनें का संचालन अतिरिक्त किया है। इन ट्रेनों से बिहार, राजस्थान, यूपी सहित अन्य राज्यों में आने जाने वाले यात्रियों को सफर में सुविधा मिलेगी लेकिन इनमें भी सीटें कई फुल हो चुकी हैं। जिससे यात्रियों को त्योहार को देखते हुए सफर में परेशानी उठानी पड़ सकती है।
बिहार जाने वाली इन ट्रेनों में सीटें फुल
- पटना एक्सप्रेस 17 नवंबर तक, पाटिलपुत्र हमसफर 14 तक, दानापुर स्पेशल 19 तक, मगध एक्सप्रेस 11 तक और फरक्का एक्सप्रेस में 8 नवंबर तक सीटें फुल हैं।
-आगामी त्योहार पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है लेकिन भीड़ के कारण ज्यादातर ट्रेनों में रिजर्वेशन फुल हो गए हैं। - प्रशस्ति श्रीवास्तव, पीआरओ रेलवे मंडल आगरा