मथुरा। इन दिनों मौसमी बीमारियों ने घर-घर पैर पसार लिए हैं। सरकारी अस्पतालों में वायरल और हड़्डी तोड़ बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसकी प्रवृत्ति में बदलाव आने पर अब बुखार दवा लेने के बाद भी ठीक होने में पांच से सात दिन का समय ले रहा है।
जिले में मौसमी बीमारी खांसी, जुकाम के साथ बुखार के मरीज तेजी से बड़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी 1200 से बढ़कर 1500 के पार हो गई है। इसमें 250 से 300 मरीज बुखार के सामने आ रहे हैं। उधर, वृंदावन के जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में 1000 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें से 150 से 200 बुखार के मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इनमें मरीजों को ठंड लगकर, सिर में दर्द होकर और हड्डी और शरीर के जोड़ों में दर्द होकर तेज बुखार आ रहा है। इसमें प्लेटलेट्स भी कम हो रही हैं।
इतना नहीं सामान्य बुखार भी डॉक्टर की दवा लेने पर पांच से सात दिनों में जा रहा है। इस तरह के बुखार से पीड़ित और तीमारदार भी बुखार के प्रकार को समझने में नाकाम हैं। डॉक्टर भी बुखार आने के लक्षण और मरीज को तेजी से आ रही कमजोरी को देखते हुए मलेरिया और डेंगू की जांच करा रहे हैं, हालांकि अधिकांश जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ रही हैं।
बुखार की बदल रही प्रवृत्ति, ठीक होने में ले रहा अधिक समय
जिला अस्पताल के डाॅ. एमएस गौतम ने बताया कि मौसमी बुखार और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौसमी बुखार सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ आ रहा है। जबकि वायरल बुखार तेज आ रहा है। इसमें प्लेटलेट्स गिर रही हैं। कमजोरी भी आ रही है। उन्होंने बताया कि बुखार की प्रवृत्ति बदल गई है। कोविड से पहले बुखार तीन दिन में दवा लेने पर ठीक हो जाता था, लेकिन वर्तमान में बुखार सही होने में अब पांच से सात दिन और कई मरीजों में 10 दिन भी लग रहे हैं। बुखार जाने के बाद भी रोगी को सामान्य होने में 15-20 से दिन लग रहे हैं।
सीएमओ कार्यालय प्रभारी डाॅ. भूदेव सिंह ने बताया कि वायरल, मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारी कर ली हैं। जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में बुखार की दवा और उपचार के लिए खास निर्देश दिए हैं। बुखार के मरीजों की स्लाइड लेकर जांच कराई जा रही है।
बुखार से बचने के उपाय
फुल बाजू के कपड़े पहनें, रात को सोते समय शरीर को ढककर सोएं, खुला हुआ और ज्यादा समय तक रखा हुआ पानी न पीएं, बुखार आने पर पैरासीटामॉल लें और डॉक्टर की सलाह लें, तेज बुखार आने पर जांच कराएं, घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।