वृंदावन। परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं की सेवा करने वाले मोतीझील क्षेत्र स्थित भैरवनाथ बगीची आश्रम निवासी संत के एक करोड़ 19 लाख रुपये हड़पने और रकम वापस मांगने पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। प्रदेश के मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बाद घटना की एफआईआर वृंदावन कोतवाली में दर्ज की गई।
संत पुरुषोत्तम महाराज ने प्रदेश के प्रमुख सचिव से की शिकायत के बाद वृंदावन कोतवाली में चैतन्य विहार निवासी ब्रजदेव तिवारी, उसकी पत्नी मनोरमा, पुत्र वासदेवन और एक अज्ञात पर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। संत ने बताया कि वह परिक्रमा मार्ग में विगत कई वर्षों से श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सेवा कार्य कर रहे हैं। विगत कई वर्षों से प्राप्त सेवा निधि में से बचत कर रहे हैं, जिसकी जानकारी आरोपी ब्रजदेव तिवारी को है।
संत का आरोप है कि उन्होंने साधु, संतों, शिष्यों और मित्रों से एक करोड़ 19 लाख 57 हजार रुपये ब्रजदेव तिवारी को दिए थे। उनके द्वारा यह धनराशि एक मेलप्रेम की वजह से दी गई थी। आरोपी ब्रजदेव ने विश्वास दिलाया कि वह उनका पैसा समय पर लौटा देगा और धनराशि की ब्याज भी देगा, लेकिन जब रकम लौटाने को कहा तो आरोपी ने देने से इन्कार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार शाही ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुरुषोत्तम महाराज की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच की जा रही है।