मथुरा। जिले में मंगलवार शाम से बुधवार रात तक बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। शहर के सभी प्रमुख मार्ग जलमग्न हो गए। अंडर पास के नीचे पांच फीट तक पानी भर गया, जिनमें कई वाहन फंस गए।
बारिश के कारण शहर से लेकर देहात तक करीब आठ घंटे बिजली बाधित रही। इससे इंडस्ट्री का पहिया थम गया। जिले में अनुमानित 120 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। कई स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। दीवानी में रेनी डे घोषित कर दिया गया। सरकारी दफ्तरों में पानी भरने के कारण वहां भी कामकाज नहीं हो सका। इधर, वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन को भी सीमित संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मौसम विभाग ने सुबह 9 बजे तक 160 मिमी बारिश दर्ज की।
जिले में मंगलवार शाम बारिश शुरू हुई। रात भर बारिश होने के बाद बुधवार को पूरे दिन बारिश का दौर जारी रहा। इस कराण सड़कें जलमग्न हो गईं। शहर के प्रमुख मार्गों पर पानी भरने के चलते आवागमन प्रभावित हो गया। प्रमुख बाजार भी नहीं खुल सके। नए बस स्टैंड रेलवे पुल के पास स्कूली बस सहित कई वाहन फंस गए, जिन्हें पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला।
ब्रज नगर, गुरु नानक नगर, झींगुरपुरा, अंबाखार, अंतापाड़ा, राधिका विहार, कृष्णा विहार, बैंक काॅलोनी, टीचर्स कॉलोनी, आंबेडकर नगर कॉलोनी, सेठ बाड़ा, कंकाली रोड, द्वारिकापुरी कॉलोनी, मोतीकुंज सहित 20 से अधिक कॉलोनियों और मोहल्लों में पानी भर गया। कई काॅलोनियों में बारिश और नाली का गंदा पानी घरों के अंदर चला गया। बरसात कम होने के बाद लोग घरों के अंदर से पानी निकालते रहे। इसी तरह क्वालिटी तिराहा, होलीगेट, महोली रोड, विश्राम बाजार, बंगाली घाट, स्वामी घाट, मंडी रामदास सहित अन्य बाजारों में पानी कई दुकानों में अंदर घुस गया। उधर, लगातार बारिश के कारण शहर के पुराने इलाके दलपत खिड़की इलाके में एक जर्जर मकान धराशायी हो गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
सड़कों के गड्ढों में पानी भरने से चोटिल हुए लोग
शहर की अधिकतर सड़कों पर बड़े गड्ढे हैं, जिनमें पानी भर गया। यहां गुजरते वाहन चालकों को पता नहीं चल पाया कि गड्ढा कहां है। इस कारण अनेक दोपहिया वाहन सवार चोटिल हुए।
भीगते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे
बारिश के कारण कई स्कूलों में छुट्टी कर दी गई, लेकिन जो खुले थे, उनके विद्यार्थी भीगते हुए स्कूल पहुंचे। वापसी में भी यही हाल रहा। जब बारिश नहीं थमी तो अधिकतर स्कूलों में समय से पहले छुट्टी कर अभिभावकों को बच्चों को ले जाने के संदेश भी किए गए।