मथुरा। त्रिदिवसीय गनेशीलाल हरीबाबू कौशिक संगीत समारोह में कवियों ने काव्य प्रतिभा का परिचय दिया। स्वामी गनेशीलाल कौशिक और उनके पुत्र सारंगी वादक स्व. हरी बाबू कौशिक की स्मृति में आयोजित समारोह का शुभारंभ महंत राधा चरण दास, श्री बाबू कुंजबिहारी एवं समर्पण गोस्वामी ने संयुक्त रूप से किया।
तीन दिन चले समारोह में सामूहिक हनुमान चालीसा एवं श्रीरामचरित मानस के मार्मिक प्रसंगों का पाठ हुआ। नोएडा के शुभम चौधरी ने राग विहाग में बड़ा ख्याल प्रस्तुत कर शास्त्रीय संगीत का परिचय देते हुए बाजे रे मुरलिया बाजे भजन प्रस्तुत किया।
नवोदित बाल कलाकार योग्यता कौशिक एवं पीयूष कौशिक ने मन मैला और तन को ध्येय, नाम हरि का जप ले वंदे भजन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। बाल कलाकार गिरिधर शर्मा ने तबले पर एकल वादन एवं कवि मोहन लाल गौतम ''मोहि'' ने भक्ति रस की कविता प्रस्तुत की।
प्रो. मयूर कौशिक एवं समर्पण गोस्वामी ने युगल बंदी रूप से एक मल्हार ''''''''रिमझिम, रिमझिम, बरखत मेह, तरु तर ठाड़े प्रीतम प्यारी'''''''' रचना प्रस्तुत की। संचालन वरिष्ठ उद्घोषक अनुराग पांडेय ने किया।