मथुरा। ग्रामीण अंचल में रामलीला देखने के लिए देर रात तक भीड़ उमड़ रही है। लीला मंचन के दौरान पात्रों के अभिनय पर पंडाल जयकारों से गूंज रहे हैं।
छाता नगर में श्रीरामलीला महासभा के तत्वावधान में चल रही श्रीरामलीला में श्रीराम और सुग्रीव मिलन, श्रीराम द्वारा बालि का वध, सीता की खोज लीला का मंचन किया गया। सर्वप्रथम श्रीशिव शक्ति सेवादल के अध्यक्ष वेद द्विवेदी ने श्रीरामायणजी की आरती और प्रभु श्रीराम की आरती की। श्री रम्य समिति के अध्यक्ष ने अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। राकेश बजाज, मुकेश कुमार शर्मा, अनिल कुमार ने आभार जताया।
प्रताप ठाकुर, सुंदर सिंह जादौन, आजाद सिंह, टीकम सिंह जादौन, त्रिलोकी, भोला सभासद आदि मौजूद रहे। सौंख कस्बे में श्री रामलीला सेवा मंडल के तत्वावधान में चल रही रामलीला में शुक्रवार रात सूर्पनखां की नाक कान काटने, सीताहरण और रावण जटायु युद्ध की लीला का मंचन किया गया। रावण की भूमिका भीम सिंह, सूर्पनखा शालू सिंघल, जटायु भरत सिंह, खर संजय शर्मा और दूषण की तिलक सिंह ने निभाई। आरती शशिंकात गोयल व जुगलकिशोर गोयल ने की। संरक्षक कपूर चंद राठिया, अध्यक्ष गिरधारी लाल सिंघल, सचिव भरत सिंह, संजय बंसल, राजू कुशवाह मौजूद रहे। राधाकुंड में रामलीला महोत्सव के तहत शनिवार को वानर सेना द्वारा समुद्र पर सेतु बनाने, रामेश्वर की स्थापना, रावण द्वारा विभीषण को लंका से बाहर निकाल देने की लीला का मंचन हुआ। ते है। विभीषण राम जी की शरण में आ जाते है।
गोवर्धन में रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित लीला महोत्सव में सेतुबंध लीला का मंचन मानसी गंगा में किया गया। घाटों पर झिलमिलाते दीप, आकर्षक सजावट और गगनचुम्बी आतिशबाजी के बीच माहौल भक्तिमय हो गया।बुद्धा वाली कुंज में विभीषण शरणागति लीला का मंचन हुआ। मानसी गंगा, बंगाली घाट पर भगवान श्रीराम ने रामेश्वरम की स्थापना कर नावों का पुल बांधा। निर्माणी अखाड़ा के महंत अशोक नारायण दास ने आरती उतार पुष्प वर्षा की। जमुना मोहन मंदिर में लंका को सजाया गया। लंका में केशव मुखिया ने प्रभु की आरती उतारी। नृत्य गोपाल शर्मा, संजीव कौशल, रामधन शर्मा, आदेश अग्रवाल, दिलीप कौशिक, मनीष लंबरदार मौजूद रहे।
50 फीट की ऊंचाई से संजीवनी बूटी लेकर उतरेंगे हनुमान स्वरूप
राया। श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रहे लीला मंचन में रविवार की रात हनुमानजी का स्वरूप पचास फीट की ऊंचाई से संजीवनी बूटी लेकर मंच पर उतरेगा। रामलीला मैदान में 22 अक्तूबर की रात लीला मंचन के दौरान श्रीराम-रावण युद्ध होगा। इसमें मेघनाथ शक्ति लगने पर पर लक्ष्मण मूर्छित होंगे तब हनुमानजी संजीवनी बूटी लेकर आएंगे। लीला मंचन में हनुमान स्वरूप 50 फीट की ऊंचाई से तार के माध्यम से नीचे उतरेंगे। रोमांचक लीला को देखने के लिए भीड़ जुटती है। कमेटी अध्यक्ष भूपेश अग्रवाल ने बताया कि लीला का मंचन 111 वर्ष से चला आ रहा है। संवाद