मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण(एमवीडीए) के 3 नई टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को शासन ने मंजूर कर लिया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में तीनों टाउनशिपों के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण के लिए शासन 150 करोड़ रुपये देगा। इन्हें फरह, बरसाना और छाता में विकसित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश आवास आयुक्त रणवीर प्रसाद की अध्यक्षता में लखनऊ में मंगलवार को हुई बैठक में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप ने मथुरा में 3 नई टाउनशिपों के विकसित करने के प्रस्ताव रखे। इसके साथ ही आयुक्त को ब्रज क्षेत्र में बढ़ रही आवासीय आवश्यकताओं से भी अवगत कराया गया। कहा, इन्हीं आवासीय आवश्यकताओं के कारण तीन टाउनशिप के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
इन्हें फरह में 100, बरसाना में 157 और छाता में 45 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। इन तीनों टाउनशिप को विकसित करने के लिए 50-50 करोड़ रुपये प्रति टाउनशिप यानि कुल 150 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह बजट इस वित्तीय वर्ष में दिया जाएगा, जबकि अगले वित्तीय वर्ष में आवश्यकतानुसार बजट दिया जाएगा।
काश्तकारों को हिस्सेदार बनाएगा विप्रा
लंबे समय से विप्रा के पास अपना कोई लैंड बैंक नहीं था, लेकिन तीन टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद विप्रा का अपना लैंड बैंक भी हो जाएगा। इसके बावजूद विप्रा ने लैंड पूलिंग का विकल्प भी खुला रखा है। लैंड पूलिंग की प्रक्रिया में ली गई जमीन का एक चौथाई हिस्सा विकसित होने के पश्चात भू स्वामी को वापस मिल जाएगा। इसमें जमीन मालिक और एमवीडीए के बीच करार होता है, जिसमें पूरी योजना की 25 प्रतिशत विकसित जमीन भूस्वामी को दी जाएगी, जबकि शेष 75 प्रतिशत जमीन का एमवीडीए प्रयोग करेगा। लैंड पूलिंग में काश्तकार के पास एक तरह से विप्रा का हिस्सेदार बनने का भी मौका होगा।
302 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा शुरू
तीनों टाउनशिपों को विकसित करने के लिए 302 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। शासन द्वारा परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी
तीन टाउनशिप का प्रस्ताव आवास आयुक्त ने मंजूर कर लिया है। इनके विकास के लिए शासन की ओर से 150 करोड़ रुपये जारी हो जाएंगे। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
-नगेंद्र प्रताप, उपाध्यक्ष, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण