मथुरा। यूपी वेटरनेरी यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ बायोटेक में जल्द शुरू होने जा रहे पीएचडी और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों (पीजी) का प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल को भेज दिया है। इसमें कॉलेज प्रशासन ने एडमिशन मेरिट के आधार पर करने का सुझाव दिया है।
उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान में कॉलेज ऑफ बायोटेक सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत संचालित है। वर्तमान में कॉलेज में बीएससी बायोटेक और बीएससी इंडस्ट्रियल माइक्रो बायोलॉजी की शिक्षा दी जा रही है। कुछ साल पहले तक यहां उक्त विषयों में स्नातकोत्तर पाठॺक्रम भी संचालित थे जिन्हें बंद कर दिया गया था।
कुलपति प्रो. एके श्रीवास्तव के निर्देश पर एक बार फिर बायोटेक में स्नातकोत्तर डिग्री और पीएचडी की शुरूआत होने जा रही है। इसके लिए कॉलेज डीन डॉ. दयाशंकर ने यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें बायोटेक में एमएससी, एमवीएससी के लिए २० सीट और बायोटेक में पीएचडी के लिए आठ सीट निर्धारित की हैं। प्रस्ताव यह भी है कि एडमिशन मेरिट के आधार पर लिया जाएगा।
दोनों डिग्री पाठॺक्रम के लिए फीस तथा पाठॺक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव दिया है। डीन डॉ. दयाशंकर ने बताया कि कॉलेज ऑफ बायोटेक में स्नातकोत्तर कोर्सेज की शुरूआत कॉलेज ऑफ वेटरनेरी साइंस की पीजी की एडमिशन प्रक्रिया के साथ होगी, जो अगले माह प्रस्तावित है। यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल की अनुमति के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।