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Mathura News: गर्भवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर दी जान

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मथुरा। हाईवे थाना क्षेत्र के गांव उस्फार में सोमवार रात सात माह की गर्भवती महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर जान दे दी। मायका पक्ष ने पुलिस से पहले तो पोस्टमार्टम नहीं कराने का अनुरोध किया, लेकिन मंगलवार सुबह दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव का चिकित्सकीय पैनल से पोस्टमार्टम करवाया।
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हाईवे थाना पुलिस को सोमवार रात गांव उस्फार निवासी चंद्रवती (27) पत्नी नाहर सिंह की फंदा लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिली। ससुराल वालों ने महिला के मायका पक्ष को भी जानकारी दी और वे मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से पोस्टमार्टम नहीं करवाने का आग्रह किया, लेकिन मामला संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार सुबह मायका पक्ष ने चंद्रवती के पति, जेठ, सास, देवर तथा ननद पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इसमें पति और जेठ पर गांजा तस्करी का आरोप भी लगाया है। थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद त्रिपाठी ने बताया कि मामला दहेज हत्या का है, इसलिए चिकित्सकीय पैनल से पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गर्भ में सात माह के दो भ्रूण
चंद्रवती के भाई नारायण सिंह ने बताया कि उसकी बहन के गर्भ में सात माह के दो भ्रूण थे। ससुरालियों ने केवल उनकी बहन की हत्या नहीं की बल्कि दो और हत्याएं की हैं। ससुरालीजन उसे दहेज के लिए परेशान करते थे साथ ही उसकी बहन पर गांजा बेचने के लिए भी दबाव बनाते थे।
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सोमवार को हुआ था पति और जेठ में झगड़ा
मृतका के मायका पक्ष का कहना है कि सोमवार को चंद्रवती और उसके पति का जेठ दिगंबर के साथ झगड़ा हुआ था। झगड़े की सूचना पर वह भी गए थे। दोनों को समझा बुझाकर शांत कर घर चले गये, लेकिन सोमवार रात 12 बजे ही मायका पक्ष ने चंद्रवती द्वारा फांसी लगाकर जान देने की सूचना दी।

शादी के बाद दो साल तक मायके में रही थी चंद्रवती
चौमुहां के पूरन सिंह ने अपनी बेटी चंद्रवती की आठ साल पहले उस्फार निवासी नाहर सिंह के साथ शादी की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही पति-पत्नी में अलगाव हुआ और दो साल तक चंद्रवती मायके में रही। इसके बाद दोनों के परिजनों में समझौता हुआ और चंद्रवती ससुराल आई। इसके बाद उसने एक पुत्र को जन्म दिया। आरोप है कि करीब चार माह पूर्व एक लाख रुपये की मांग को लेकर चंद्रवती को पुन: उसके मायके भेज दिया। 20 दिन पहले समझौता होने के बाद वह ससुराल चली गई थी।
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