यमुना में गिर रहे नालों को बंद कराने में प्रशासन और नगर पालिका द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर गुरुवार को यमुना रक्षक दल ने रोष जताया है। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्णदास ने कहा कि जिला प्रशासन और जल निगम ने नालों को स्थायी रूप से बंद कराने के लिए 12 दिन का समय मांगा था।
एक माह बीत जाने के बाद भी सिर्फ तीन नाले ही बंद हुए हैं। विहार घाट के नाले का दूषित पानी लगातार यमुना में गिर रहा है।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका नालों को साफ नहीं करा रही है। डा. संजय दीक्षित ने कहा कि जब नालों के पानी को ट्रीट करने वाला एसटीपी पागल बाबा के समीप बना हुआ है तो नगर का दूषित जल यमुना में सीधे क्यों प्रवाहित हो रहा है। प्रदेश युवा अध्यक्ष विवेक महाजन ने इस संबंध में प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में यमुना किनारे होने वाले कार्यक्रम पर एनजीटी ने पांच करोड़ का जुर्माना लगाया है। वृंदावन में यमुना के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए यमुना रक्षक दल राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में रिट दायर करेगा। इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव अखिल अग्रवाल, युवा मंडल अध्यक्ष माधव चौहान, अवनीश यादव, दीपक गोयल आदि उपस्थित थे।