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Mathura News: संशोधित

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वृंदावन। भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के मामले में पुलिस के हाथ पुख्ता सुराग लगे हैं। पुलिस मामले का कभी भी खुलासा कर सकती है। पुलिस ने पत्र देकर सनसनी फैलाने वाले की पहचान कर ली है। गत दिनों अनजान व्यक्ति ने भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य के गौरी गोपाल आश्रम स्थित कार्यालय में बंद लिफाफा रख दिया था। जब आश्रम के कर्मचारियों ने लिफाफा खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। लिफाफे में पत्र रखा मिला, जिसमें मुंबई के पनवेल, कृष्णनगर मंडी निवासी संजय पटेल ने स्वयं को महाराष्ट्र के एक आतंकी संगठन का कार्यकर्ता बताया। कथा प्रवक्ता अनिरुद्धाचार्य से एक सप्ताह के भीतर एक करोड़ रुपये देने की मांग की, अन्यथा उनको और परिवार को बम से उड़ाने के साथ आश्रम को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी। आश्रम के कर्मचारी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। खुफिया विभाग ने आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। बताया जा रहा है कि पुलिस ने भागवताचार्य को धमकी देने वाले की पहचान कर ली है।
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संतों और धर्माचार्यों को पहले भी मिलती रही हैं धमकियां
वृंदावन के संतों और धर्माचार्यों को आतंकी संगठनों द्वारा बम से उड़ाने की धमकी नई बात नहीं है। इससे पहले भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। देवकीनंदन महाराज को अप्रैल 2019 में प्रियाकांतजू मंदिर पर मुस्लिम संगठन के नाम से पत्र मिला था। इसमें हिंदुत्व के प्रचार पर सामूहिक नरसंहार, जान से मरने की धमकी दी गई थी। वर्ष 2018 में एक व्यक्ति द्वारा वीडियो बनाकर देवकीनंदन महाराज को टुकड़े-टुकड़े करने की धमकी दी थी। अप्रैल 2022 में मुंबई निवासी वासिम ने देवकीनंदन महाराज को दुबई से फोन पर जिंदा जलाने की धमकी दी थी। इसके बाद दिसंबर 2022 में मुंबई में कथा करने पर सऊदी अरब से देवकीनंदन महाराज के व्यक्तिगत नंबर पर फोन करके बम से उड़ाने की धमकी दी गई। वर्ष 2022 में महामंडलेश्वर धर्मेंद्र गिरी गोस्वामी को 14 अप्रैल और 3 जुलाई को अलकायदा की ओर बम से उड़ाने की धमकी दी गई। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बंगलुरू से पीएफआई के एक सदस्य को गिरफ्तार किया था।
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भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले की पहचान कर ली गई है। पुलिस आरोपी तक पहुंच गई है। शीघ्र मामले में खुलासा कर दिया जाएगा।
-प्रवीण मलिक, सीओ सदर।
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