वृंदावन (मथुरा)। अक्षय तृतीय पर्व पर 23 अप्रैल को जन जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज चंदनी रंग की पीतांबरी पोषाक व स्वर्ण-रजत बेशकीमती शृंगार धारण कर भक्तजनों को चरण दर्शन प्रदान करेंगे। वहीं सायंकालीन बेला में सर्वांग दर्शन देंगे।
सेवायत ठाकुरजी को गर्मी से बचाव के लिए चंदन को गुलाब जल, इत्र आदि में मिश्रण कर ठाकुरजी के श्रीअंग पर लेपन करेंगे। अक्षय तृतीया पर्व को लेकर बांकेबिहारी मंदिर में चंदन की घिसाई की जा रही है। मंदिर सेवायतों के अनुसार ठाकुर बांकेबिहारी को 71 किलो चंदन अर्पित किया जाना है। मंदिर के सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया कि इस दिन ठाकुर बांकेबिहारी का अलौकिक शृंगार किया जाता है।
इस दिन बांकेबिहारी के पूरे शरीर पर चंदन का लेपन किया जाता है तो उनको धोती, सोने से बने आभूषण, हीरे जवाहरात से बने कान के कुंडल, मोर पंख लगा मुकुट धारण कराया जाता है। भोग में शीतल पदार्थ अर्पित किए जाएगे। वहीं प्रसाद में सत्तू के लड्डू, केसरिया छैना की खीर, खरबूज, ककड़ी, शर्बत के अलावा बादाम, काजू, पिस्ता, केशर, पोस्त, गुलकंद, कालीमिर्च और दूध से बनी स्पेशल ठंडाई अर्पित की जाएगी।
सोने-चांदी की पायजेब पहनेंगे बांकेबिहारी
अक्षय तृतीया पर ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को पायजेब दान की जाती है। मंदिर के सेवायत मयंक गोस्वामी ने बताया कि विवाह योग्य युवती भगवान बांकेबिहारी को पायजेब अर्पित करती हैं तो उनको मनचाहा वर प्राप्त होता है। इसके अलावा बांकेबिहारी दो प्राण एक देह के रूप में दर्शन देते हैं और अक्षय तृतीया के दिन उनके चरण दर्शन होते हैं। इसलिए भक्त पायजेब उनके चरणों में अर्पित करते हैं।
दाऊजी महाराज के होंगे विशेष चरण दर्शन
अक्षय तृतीया पर दाऊजी महाराज के विशेष चरण दर्शन होंगे। वर्ष भर में एक बार यह विशेष चरण दर्शन होते हैं। चरण दर्शनों का श्रद्धालु पूरे वर्ष इंतजार करते हैं। दर्शन के लिए भारी भीड़ मंदिर में उमड़ेगी। सत्तू का भोग प्रसाद लगेगा।