मथुरा। पुराने शहर की तंग गलियों में होने वाली आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए बाइक फाइटर दिए जाएंगे। अवैध रूप से अग्निशमन उपकरणों की बिक्री करने वालों पर अंकुश लगाया जाएगा। विभाग में उनका पंजीकरण किया जाएगा। यह बात भूतेश्वर स्थित दमकल विभाग का वार्षिक निरीक्षण करने आए पुलिस महानिदेशक (फायर) अविनाश चंद्र ने कही।
महानिदेशक अग्निशमन तथा आपात सेवाएं अविनाश चंद्र ने सोमवार को दमकल विभाग का वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अंग्रेजों के जमाने में बनी फायर नियमावली में बदलाव किया गया है। इसके तहत फायर विभाग की एनओसी लेने के नियम को आसान किया गया है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाए जा रहे हैं। उद्योग लगाने वालों को दमकल विभाग की एनओसी लेने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए एनओसी फार्म में बदलाव किया गया है।
बताया कि हाइराइज भवन स्वामियों को अग्निशमन उपकरण लगाने के साथ अपने यहां प्रशिक्षित फायर ऑफिसर की भी तैनाती करनी होगी। किसी भी तरह के औद्योगिक संस्थान स्वामी को अपने यहां लगे अग्निशमन उपकरणों के लिए विभाग से हर वर्ष अनापत्ति प्रमाण लेने की अब जरूरत नहीं होगी। उन्हें अग्निशमन विभाग से प्रमाणित कंपनियों से प्रमाण पत्र लेकर हर छह माह में विभाग की वेव साइट पर अपलोड करना होगा। इसके बाद यदि कोई आग लगने की कोई घटना होती है तो इसके लिए भवन स्वामी खुद जिम्मेदार होगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी शहरों के लिए हाईड्रोलिक प्लेटफार्म दिए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने कार्यालय का निरीक्षण किया और कंट्रोल रूम में बैठे सिपाही से सवाल जवाब किए। निरीक्षण से पूर्व डीजी फायर सर्विस को सलामी दी गई। इस दौरान एसएसपी शैलेश कुमार पांडे, सीएफओ नरेंद्र प्रताप सिंह, एफएसओ नरेश कुमार मौजूद रहे।