मथुरा। जल निगम के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) सुजीत कुमार पर स्याही फेंकने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में एसएसपी के आदेश के बावजूद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज नहीं किया है। पीड़ित अधिशासी अभियंता ने डीएम पुलकित खरे से भी गुहार लगाते हुए कोतवाली पुलिस की हीलाहवाली से अवगत कराया है।28 मार्च को गंगाजल की आपूर्ति न होने पर मंशापुरी समेत कई मोहल्लों के लोग विरोध जताने पहुंचे थे। रिपोर्ट में अधिशासी अभियंता सुजीत कुमार ने बताया कि वह अपने कार्यालय में मीटिंग में व्यस्त थे। तभी कुछ लोगआए और कार्य में बाधा डालने लगे थे। उन्हें समझाकर भेज दिया गया था। इसके बाद कांग्रेस पार्षद 150 लोगों को साथ लेकर आए और उनके ऊपर काली स्याही फेंकी और अभद्रता तक की। सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करते हुए मारपीट और जान से मारने की धमकी तक दी थी।