फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mathura News: एनएचएआई ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का काम शुरू किया

विज्ञापन
विज्ञापन
नवीन गोयल
विज्ञापन

कोसीकलां। बरसात में आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौक-चौराहों पर जलभराव की समस्या से लोगों और वाहन चालकों को अब राहत मिलने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जलभराव वाले चौराहों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (जल संचय प्रणाली) लगाने का काम शुरू कर दिया है। बठैन गेट फ्लाई ओवर पर तीन जगह हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जा रहे हैं। इन्हें बनाने में कन्वेंशनल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां एक बार में करीब 2 लाख लीटर पानी स्टोरेज कर सकेंगे। इससे वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश के दौरान जलभराव की समस्या स्थायी बन गई है। कुछ देर की बारिश में चौक-चौराहे पानी में डूब जाते हैं। कोसी में हाईवे पर सबसे ज्यादा खराब हालत बठैन गेट, मंडी समिति गेट के सामने, आर्यनगर, एफसीआई गोदाम के आगे, अजीजपुर, दौताना क्षेत्र में हैं। थोड़ी सी बारिश में जलभराव से लोगों को यहां से निकलना भारी पड़ जाता है। चौराहों पर पानी भरा होने के कारण गाड़ियां बीच में खराब हो जाती हैं। इससे यातायात व्यवस्था ठप हो जाती है। (संवाद)
विज्ञापन

बठैन गेट पर तीन सिस्टम
एनएचएआई की ओर से हाईवे पर बठैन गेट पर जलभराव वाले तीन स्थानों को चिह्नित किया है यहां सबसे ज्यादा पानी भरता है। प्रथम चरण में बाटा चौक पर एक तरफ के निर्माणाधीन रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण शुरू कर लिया गया है। अन्य पर काम जल्द शुरू किया जाएगा।
पीने लायक बनेगा पानी
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण करा रहे प्लांट इंचार्ज प्रकाश कुमार ने बताया कि निर्माण में तीन तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। कन्वेंशनल तकनीक, माइक्रो फिल्टर और बॉक्स तकनीक। कन्वेंशनल में तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इस में बोल्डर, ग्रेवाल, चारकोल आदि का इस्तेमाल किया जाता है। चार-पांच परतों पर पानी छन कर जब जमीन में जाता है तो वह पीने लायक बन जाता है। साथ ही जमीन में पानी की कमी पूरी होती है।
विज्ञापन

-हाईवे के चौक-चौराहों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण शुरू करवा दिया गया है। इस बार लोगों को बरसात में जलभराव से नहीं जूझना होगा।
-प्रकाश कुमार, प्लांट इंचार्ज, एनएचएआई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें