नौहझील (मथुरा)। नौहझील थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के एक परिवार के पांच सदस्यों की दिल्ली में संदिग्ध परिस्थिति में शनिवार रात को तबीयत बिगड़ गई। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती परिवार में से मां और दो साल के बेटे की मौत हो गई। मृतका का पति और एक बेटा व बेटी उपचाराधीन है। रविवार देर शाम शव लालपुर गांव आए। यहां मातम पसर गया। गमगीन माहौल में शवों का दाह संस्कार किया गया।
नौहझील के लालपुर गांव का दिनेश पिछले 10 साल से नई दिल्ली के असोला इलाके के फतेहपुर बेरी में किराए के मकान में रहता है। वहां एक निजी फार्म हाउस में नौकरी करता है। दिनेश के परिवार में उसकी पत्नी अंजलि, 6 वर्षीय बेटी देवांशी, चार वर्षीय बेटा देवांश, दो साल का बेटा लड्डू है। दिनेश के भतीजे रवि ने बताया कि रविवार सुबह परिवार को जानकारी हुई कि दिनेश चाचा व उनकी पत्नी व बच्चों की तबीयत खराब है और सभी सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार के लोग दिल्ली गए। वहां चाची अंजलि और उनके छोटे बेटे लड्डू को मृत पाया। दिनेश चाचा व उनके अन्य दो बच्चे देवांशी और देवांश उपचाराधीन मिले।
पहले जानकारी मिली कि सभी ने मांसाहार का सेवन किया, जिसके नुकसान करने के कारण तबीयत खराब हुई। बाद में जानकारी मिली कि शनिवार रात उन्होंने कमरे को गर्म करने के लिए आग जलाई थी, जिसके बाद वह सो गए। आग से निकला धुआं कमरे में भर गया और उससे दम घुटने से तबीयत बिगड़ी। रवि के अनुसार चाची अंजलि और उनकी बेटे लड्डू का शव रविवार शाम को गांव लगाया गया। यहां देर रात को शवों का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार में एक साथ दो मौतों से मातम पसर गया। इधर, गांव वाले भी पीड़ित परिवार के घर शोक जताने को पहुंचे।
अंतिम बार दिनेश नहीं देख पाया पत्नी-बेटे का चेहरा
दिनेश अस्पताल में उपचाराधीन होने के कारण शवों के साथ गांव नहीं आ सका। दिनेश के भाई के आठ साल के बेटे यश ने चाची के शव को मुखाग्नि दी। दिनेश अंतिम बार अपनी पत्नी व बेटे का चेहरा भी नहीं देख सका।