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निकाय चुनाव : नगर निगम की रैपिड सर्वे रिपोर्ट ने उड़ाई नींद

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मथुरा। आगामी निकाय चुनाव के दॄष्टिगत मथुरा-वृंदावन नगर निगम के तय वार्डों में अन्य पिछड़ा वर्ग की रैपिड सर्वे रिपोर्ट ने राजनीतिक दिग्गजों में खलबली मचा दी है। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक पिछली बार सामान्य वर्ग के खाते में रहे मथुरा-वृंदावन के अनेक वार्ड इस बार पिछडे़ वर्ग के लिए आरक्षित होने जा रहे हैं। इसमें डेंपियर नगर, कृष्णापुरी, नवनीत नगर, कृष्णानगर द्वितीय भी शामिल हैं।
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शुक्रवार को मथुरा-वृंदावन नगर निगम का पिछडे़ वर्ग के रैपिड़ सर्वे की रिपोर्ट जारी कर दी गई। नगर निगम कार्यालय पर चस्पा की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी १.७२ लाख दर्शाई है। यह संख्या नगर निगम की कुल आबादी का २६.४७ प्रतिशत है। पिछले निकाय चुनाव के दौरान मथुरा-वृंदावन नगर निगम में यह संख्या १.६२ लाख के करीब थी, जिसका प्रतिशत २५.८३ था। इस रिपोर्ट के मुताबिक इस बार अन्य पिछड़े वर्ग की जनसंख्या में एक प्रतिशत से भी कम का इजाफा दर्ज हुआ है। शासन की तय आरक्षण व्यवस्था के मुताबिक ७० वार्ड वाले मथुरा वृंदावन नगर निगम में १९ वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होंगे। इसमें पांच वार्ड महिला वर्ग के भी शामिल हैं।
जानकार बताते हैं कि सर्वे रिपोर्ट में लगभग तय हो गया है कि इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कौन-कौन से वार्ड आरक्षित होंगे। इसमें पिछले वार्ड इस बार ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं रहेंगे। सर्वे रिपोर्ट में डेंपियर नगर, कृष्णा नगर, भरतपुरगेट, अडूकी, तारसी, लोहवन, औरंगाबाद द्वितीय, नवनीत नगर, कृष्णानगर द्वितीय, राधानिवास वृंदावन, सतोहा आदि वार्डों के ओबीसी के लिए आरक्षित होने की संभावना बढ़ा दी है। हालांकि अभी इस रिपोर्ट पर आपत्ति भी मांगी गई हैं, लेकिन रिपोर्ट वार्ड की राजनीति करने वालों के लिए बड़ा उलटफेर कर रही है।
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