मथुरा। करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र गिरिराज जी की धरा पर बृहस्पतिवार को पांच दिवसीय मुड़िया पूर्णिमा मेले का आगाज हो गया।
जनपद में राजकीय मेले का दर्जा प्राप्त इस मेले के इतिहास करीब 467 साल पुराना है। परिक्रमा के लिए अलवर, भरतपुर, आगरा और अलीगढ़ मंडल के जिलों से देश-प्रदेश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालुओं का आगमन बुधवार रात से ही शुरू हो गया था। सुबह जब परिक्रमा शुरू हुई तो संपूर्ण माहौल राधे-राधे की जयकार से गुंजायमान हो उठा।
महिलाओं-बच्चों और बुजुर्गोंं का अपने आराध्य के प्रति उत्साह और श्रद्धा भाव देखते ही बन रहा था। नंगे पांव चल रहे भक्तों को इसका जरा भी अहसास नहीं हो रहा था कि उनके पैरों में कंकड़ भी चुभ रहे हैं। भक्तों ने परिक्रमा की शुरुआत दानघाटी मंदिर पर मत्था टेककर की। ऐसे में मंदिर पर दिनभर श्रद्धालुओं की भड़ी उमड़ी रही। पुलिस व प्रशासन ने भीड़ के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।