परिजनों ने माना केडी हॉस्पिटल और अपना घर का आभार
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। पंजाब के फाजिल्का जिले के गांव टहली बाड़ा से 2016 में लापता हुए शिंदर सिंह को आखिरकार केडी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के मनोचिकित्सा विभाग ने उसकी मां सुरजीत कौर से मिलवाने में सफलता हासिल की। साढ़े सात साल बाद बेटे से मिल मां की आंखों में आंसू छलक आए।
परिजनों ने बताया कि शिंदर सिंह (26) बचपन से ही मंदबुद्धि था। 2016 में वह घर से लापता हो गया। बेटे के लापता होने का सदमा पिता सहन नहीं कर सके और उनकी मौत हो गई। तीन दिन पहले जब सुरजीत कौर को केडी हॉस्पिटल ने शिंदर की खबर दी तो उनके चेहरे पर चमक आ गई। साढ़े सात साल बाद बेटे की खबर पाते ही शिंदर के परिजन ही नहीं बल्कि गांव के लोग भी खुश हो गए। कोकिला वन शनिधाम स्थित अपना घर के कार्यालय प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि करीब सात साल पहले शिंदर कोसीकलां में मिला था। उसे अपना घर लाया गया तथा बहुत कोशिश करने के बाद भी वह अपने निवास और परिजनों की जानकारी नहीं दे सका। एक पखवाड़े पहले केडी हॉस्पिटल की डॉ. प्रियंका, डॉ. विदुषी तथा डॉ. रवनीत जोकि पंजाब की ही रहने वाली हैं, उनकी मुलाकात शिंदर से हुई। शिंदर सहित तीन अन्य को अस्पताल ले जाकर उपचार शुरू किया। शिंदर की हालत में सुधार होने के बाद उससे उसके माता-पिता और निवास की जानकारी मिली। इसके बाद पंजाब पुलिस से संपर्क कर उसके घर वालों को बताया गया कि शिंदर केडी हॉस्पिटल में है। विभागाध्यक्ष मनोरोग चिकित्सा डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि अस्पताल के चिकित्सकों की टीम प्रायः अपना घर, कृष्णा कुटीर आदि में रह रहे लावारिस लोगों के बीच पहुंचती है और जिनकी मनःस्थिति ठीक नहीं होती उन्हें हॉस्पिटल में लाकर उपचार किया जाता है। यह सब आरके एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल के कारण संभव हो पा रहा है।
फोटो कैप्शनः पंजाब से अपने बेटे को लेने के.डी. हॉस्पिटल आई मां सुरजीत कौर तथा चिकित्सक।