भरतपुर। एक बारगी तो कानों पर विश्वास नहीं हुआ जब अपना घर से फोन आया कि मां जिंदा है। दस साल गुजर गए थे और परिजन मृत मान कर भूल चुके थे। व्हाट्सएप के जरिए बात हुई तब जाकर विश्वास हुआ। परिजन अपना घर आश्रम पहुंचे। यहां बिछुड़ी मां को सामने देख इकलौती बेटी गले लग गई। दोनों की आंखों में ख़ुशी के आंसू बह निकले। मिलन के इस क्षण को देख अन्य लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
अपना घर के संस्थापक डॉ. बीएम भारद्वाज ने बताया कि यह महिला 2017 में नगर से लावारिश अवस्था में मिली थी। इसे भरतपुर अपना घर आश्रम में भर्ती कराया गया था । वह अपना नाम बताने और चलने में असमर्थ थी। आश्रम में महिला का नाम मैना रखा गया। इनका 6 वर्षों तक अपना घर में इलाज किया गया तो वह स्वस्थ हो गईं। काउंसिलिंग टीम ने इनसे पूछताछ की तो अपना नाम गंगा देवी व पता महोली-मथुरा बताया।
उनके द्वारा बताए गए पते पर टीम ने मथुरा पुलिस के जरिए संपर्क कर परिजन के बारे में पता लगाया। यहां गंगा देवी की बेटी सोना मिली। उसने बताया कि 2013-14 में जब वह छोटी थी तभी पिताजी गुजर गए थे। इसके बाद मां भी घर से कहीं निकल गई थी। घर के सभी लोग मां को मृत मान चुके थे। अपना घर आश्रम देवर मुकेश ने बताया कि काफी खोजने के बाद भी नहीं मिलने पर भाभी को मृत मान लिया था। जब अपना घर आश्रम से वीडियो कॉल पर बात कराई गई तब विश्वास हुआ कि भाभी इस दुनियां में हैं तो घर में खुशी का माहौल हो गया। अपना घर की टीम ने कार्रवाई पूर्ण कर गंगा देवी को परिजन के सुपुर्द कर दिया।
मथुरा से हुई थी लापता
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गांव महोली निवासी गंगा देवी पत्नी कलुआ मथुरा से लापता हुई थी। जिस समय पति कलुआ की मृत्यु हुई थी उस समय गंगा देवी की उम्र करीब 25 वर्ष थी। उनकी एक इकलौती बेटी सोना हुई, वह घर से लापता हुई तब बेटी की उम्र महज 9 साल की थी।
सीएचसी परिसर में हमला करने वाले चार गिरफ्तार
भरतपुर। बयाना कस्बे के सीएचसी परिसर में सोमवार शाम जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में हुए संघर्ष के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों की एक कार को भी जब्त किया है। घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
सोमवार शाम सीएचसी परिसर में कुंदनपुरा निवासी प्रताप गुर्जर और नगला गरगरा निवासी रमेश गुर्जर पक्ष के बीच जमीन के विवाद को लेकर झगड़ा हो गया था। लाठी-डंडों के हमले से प्रताप पक्ष के छह लोग घायल हो गए थे। थानाधिकारी हरि नारायण मीणा ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित की थी। टीम ने वारदात के बाद मौके से भाग रहे चार आरोपियों गांव नगला गरगरा निवासी रमेश, लोकेश, महेश और गांव भिड़ावली निवासी गुमान सिंह को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। संवाद