मथुरा। जंक्शन स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया स्थित बंद पड़े पंपहाउस की कोठरी में 30 अप्रैल को अर्धनग्न हालत में मिली नाबालिग की शिनाख्त 15 दिन बाद भी नहीं हो सकी है। पुलिस अभी तक यह भी पता नहीं लगा पाई है कि उसकी मौत कैसे हुई। एसएसपी ने इस मामले के खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन किया था, चुनावी ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण शायद एसएसपी भी नाबालिग के मामले को भूल चुके हैं।
30 अप्रैल की प्रात: मथुरा जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया स्थित पंप हाउस नंबर एक की कोठरी में एक नाबालिग का अर्धनग्न हालत में शव मिला था। शव दो से तीन दिन पुराना था। पुलिस ने मौके पर फाेरेंसिक टीम को बुलाकर सबूत एकत्रित किए। साथ ही डॉग स्क्वैड ने भी घंटों तक यहां हत्यारों की सुरागकशी की, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। वारदात के 15 दिन बाद भी अभी तक तीनों टीम खाली हाथ खड़ी हुई है।
पूर्व में तो पुलिस पर चुनाव को शांतिपूर्ण कराने का जिम्मा था, लेकिन निकाय चुनाव का परिणाम आए हुए भी दो दिन बीत चुके हैं। इसके बाद भी पुलिस द्वारा नाबालिग के हत्यारों को तलाशने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रश्न चिह्न लग रहा है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पांडेय ने बताया कि अभी तक पुलिस को हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा है।