मथुरा। वृंदावन और मथुरा के बीच वंदे भारत की तर्ज पर दौड़ने वाली ट्रेन के लिए प्रस्तावित ब्रॉड ग्रेज की शुरूआत समय से नहीं हो सकेगी। इसे १४ जनवरी से प्रारंभ होना था परंतु इसके लिए शुरू होने वाली टेंडर प्रक्रिया में देरी होने के कारण अब जनवरी के आखिरी सप्ताह मेें काम के शुरू होेने की उम्मीद है।
मथुरा-वृंदावन के बीच करीब ४०२ करोड़ रुपये की लागत से प्रोजेक्ट तैयार हुआ है। इसके तहत पहले मीटर गेज को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया जाएगा। प्रोजेक्ट का पहला सर्वे पूरा हो गया है। रेलवे की गति शक्ति यूनिट ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सर्वे और निरीक्षण के बाद गति शक्ति यूनिट ने यह तय कर दिया कि मथुरा से वृंदावन तक कितने ओवर ब्रिज तथा अंडर पास बनेंगे। कहां-कहां पर उठाव और कहां से नीचा किया जाना है। इसके बाद रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और ब्रॉड गेज के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू होनी थी। प्रक्रिया शुरू न होने से आमान परिवर्तन में अभी और वक्त लगेगा। गति शक्ति यूनिट के प्रभारी होतम सिंह ने बताया कि चूंकि अभी तक टेेंडर प्रक्रिया का काम प्रारंभ नहीं हो सका है। ऐसे में ब्रॉड गेज का काम भी १४ जनवरी से प्रारंभ नहीं हो सकेगा। अब यह जनवरी के आखिरी सप्ताह में प्रारंभ हो सकता है।
12 किमी लंबा है मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक
मथुरा-वृंदावन के बीच करीब 12 किलोमीटर का रेल ट्रैक है। इस मीटर गेज को ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने के लिए रेलवे ने प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। प्रोजेक्ट के अनुसार, ट्रैक के ब्रॉड गेज में परिवर्तन के दौरान 2 आरओबीए, 17 आरयूबी के अलावा 23 छोटे ब्रिज भी बनाए जाएंगे। इस पर 6.6 किलोमीटर का एलिवेटेड इंबैंकमेंट और 4.5 किलोमीटर लेबल ट्रैक बनाया जाएगा।