बरसाना (मथुरा)। राधारानी मंदिर के पीछे ब्रह्मांचल की पहाड़ियों पर तपस्या करने वाले साधु श्यामसुंदर दास उर्फ पवन कुमार को १२ बोर तमंचे से गोली लगी थी। उसके छर्रे कनपटी में फंसे रह गए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। सुसाइड मानकर चल रही बरसाना पुलिस फिर भी पूरे मामले की जांच में जुट गई है कि आखिरकार साधु ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
मूलत: बुलंदशहर के गांव मोरोनी और हाल बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) की भाटिया कॉलोनी निवासी श्यामसुंदर दास उर्फ पवन कुमार उर्फ मोनी बाबा (४७) पुत्र वेदप्रकाश का ८ अगस्त को ब्रह्मांचल की पहाड़ियों में खून से लथपथ शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद यह साफ हो गया कि साधु ने खुद ही सुसाइड किया था। छर्रे फंसे हुए मिले हैं तो ब्लैकनेस भी आई है। साधु ने सुसाइड क्यों किया, इसकी छानबीन में जुट गई है। हालांकि अभी तक परिजनों ने भी कुछ भी लिखकर नहीं दिया है।
साधु का मंगलवार को मोनी बाबा आश्रम के पास अंतिम संस्कार कर दिया था। संस्कार में छोटे भाई मदनमोहन दास और अनुज के अलावा पिता भी मौजूद रहे। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद पंवार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुसाइड आया है। छोटे भाई मदनमोहन दास ने सोमवार को तहरीर देकर सुसाइड होना स्वीकारा था। फिर भी पूरे मामले की छानबीन की जाएगी कि आखिरकार साधु की सुसाइड का कारण क्या रहा।