मथुरा। निधिवन राज वृंदावन में पदों का गायन गाते गायक।
मथुरा वृंदावन में राधे झूलन पधारो घिर आए बदरा...आदि झूलन के पदों से संगीत सम्राट स्वामी हरिदासजी की साधना स्थली भक्तिमय हो गई। शुक्रवार की शाम स्वामी हरिदासजी की साधना स्थली निधिवनराज कुंजों की बीच झूलन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में भजन गायकों ने दीपकों की रोशनी में प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
ब्रज रसिक सूफी गायक जेएसआर मधुकर ने राधा-कृष्ण के पारंपरिक झूलों के पदों का गायन किया। भजनों को सुन श्रोता आनंद रस निधि में डूब गए। मधुकर के राधे चल झूलन की ओर रिमझिम बरखा आई भजन को सुन भक्तजन झूम उठे।
मधुकर ने ऐरी सखी सघन गगन धन गरजे, अरे कारे बदरा तो मैं श्याम हिराने दामिनी, कहत मेघ सौं हमारी उपमा देहि ते झूठे बूंदे, सुहाविनी श्री लागति मति भीजे तेरी चुनरी, हिंडोरे अब झूलत लाल दिन दुलहू दुल्हन, श्यामा प्यारी कुंज बिहारी जय जय श्री हरिदास दुलारी और रंगीले दोऊ झूलत सूरत हिंडोरे, झूलत दोऊ नवल किशोर दोऊ जन भीजत अटके बातन आदि भजनों को सुनाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
गायन में उनका साथ दिया भावना सखी, शशि सखी एवं लक्ष्य मधुकर व मयंक मधुकर ने। भीकचंद गोस्वामी, डॉ. ओम, डॉ. गुनाकर, बाबा किशोरी शरन, बाबा राधाचरन, पुरुषोत्तम बाबा, उत्तम दास बाबा, नवेली शरण, कुंज बिहारी दास बाबा आदि मौजूद थे।