सौंख (मथुरा)। आगरा खपाने के लिए जा रही गांजे की बड़ी खेप मगोर्रा पुलिस और एसटीएफ ने पकड़ी है। राजस्थान के भरतपुर से १२ क्विंटल गांजा तीन वाहनों में ले जाया जा रहा था। पुलिस और एसटीएफ ने अंतरराज्यीय ९ गांजा तस्करों को पकड़ा है। पकड़े गांजे की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई से गांजा तस्करों में खलबली मच गई है।
एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि भरतपुर की तरफ से गांजे की बड़ी खेप मथुरा होकर आगरा जा रही है। गांजा कार, बोलेरो और ट्रक में ले जाया जा रहा है। तस्करों की घेराबंदी के लिए मगोर्रा के एसएचओ संजय त्यागी, एसआई जितेंद्र कुमार के अलावा एसटीएफ गौतमबुद्धनगर के एसआई अक्षय पीके त्यागी और पुलिस-एसटीएफ के सिपाहियों ने जाजनपट्टी पर कर ली। तीनों वाहनों को आते ही रोक लिया गया। पुलिस को देख तस्कर भागने लगे। पुलिस और एसटीएफ ने ९ तस्कर पकड़ लिए। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गांजे की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है। इनके पास से तीन वाहन भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल इनसे पूछताछ की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी गांजे की खेप की सप्लाई कहां-कहां और होनी थी।
यह गांजा तस्कर चढ़े हत्थे
- मोहम्मद आलम, फुरकान, जुबैर आलम, बाबू, मुनाजिर, इरशाद, फिरोज (सभी निवासीगण बरैंठा, थाना मानठेर मुरादाबाद), विनय उर्फ भूरा निवासी कैलाश मंदिर, रोड सरोज विहार कॉलोनी, थाना सिकंदरा आगरा और सतीश निवासी जयपुर, थाना जयपुर, कोरापुर (उड़ीसा)।
आगरा के साथ मुरादाबाद में खपाना था गांजा
उड़ीसा में गांजा की तस्करी बड़े स्तर पर होती है। यहां से अधिकतर गांजा देश के छत्तीसगढ़, यूपी, आंध्र प्रदेश आदि प्रदेशों में सप्लाई भी होता है। माना जा रहा है कि यह खेप उड़ीसा से राजस्थान के रास्ते मथुरा होकर जा रही थी। आगरा के अलावा यह गांजा मुरादाबाद में खपाया जाना था। हालांकि शुरुआती पूछताछ में आगरा में खपाया जाना बताया जा रहा है। जिस प्रकार से ९ अंतरराज्यीय तस्कर मुरादाबाद और आगरा के अलावा उड़ीसा के रहने वाले पकड़े गए हैं तो यह इस तरफ इशारा करता है कि उड़ीसा से यह लाया जा रहा था और आगरा-मुरादाबाद मेें खपाया जाना था।