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मथुरा: चचेरे भाई की हत्या में तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास

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मथुरा। छह वर्ष पूर्व एक युवक की हत्या के मामले में अदालत ने तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। युवक की हत्या कर राया में रेलवे ट्रैक पर डाल दिया गया था। हत्या का कारण पैतृक संपत्ति का विवाद था।
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वारदात ५ दिसंबर २०१५ की थी। इगलास मोहकमपुर अलीगढ़ निवासी सूरज प्रकाश के करीब २० वर्षीय पुत्र प्रवीण को उसके चचेरे भाई श्यामवीर, सोनू, भूरी पूत्रगण वीरपाल अपने साथ दौड़ लगाने के लिए बुलाकर ले गए। प्रवीण पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। सुबह आठ बजे तक जब प्रवीण नहीं आया तो परिजन ने तीनों भाइयों से पूछताछ की लेकिन उन्होंने कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया।
खोजबीन करने पर अगले दिन मथुरा के पोस्टमार्टम पर मिले एक शव को प्रवीण के बाबा शंकर ने अपने नाती के रूप में शिनाख्त की। यह शव राया थाना क्षेत्र के गांव कोयल के निकट रेलवे ट्रैक पर मिला था। बाबा शंकर ने राया थाना में वीरपाल के तीनोें पुत्र श्यामवीर, सोनू, भूरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने जांच में चार्जशीट लगाते हुए तीनोें भाइयों को जेल भेजा। बाद में तीनों की जमानत हो गई। मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे-तृतीय न्यायाधीश संतोष कुमार ने तीनों को आजीवन कारावास व १३-१३ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों को जेल भेज दिया। एडीजीसी भीष्म दत्त सिंह तोमर ने बताया कि पैरवी करते हुए दस गवाहों को अदालत में पेश किया।
मृतक प्रवीण सूरज प्रकाश का इकलौता बेटा था। तीनों अभियुक्त के पिता वीरपाल और सूरजप्रकाश सगे भाई हैं। एक अन्य अविवाहित भाई सूरज प्रकाश के साथ ही रहता था। उसकी संपत्ति का मालिक कहीं प्रवीण न बन जाए इसके चलते प्रवीण की हत्या की गई थी। अदालत ने तीनों अभियुक्त को ८ अगस्त को ही दोष सिद्ध कर करते हुए जेल भेज दिया था।
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