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मथुरा: सरगना समेत अंतरराज्यीय ५ साइबर ठग गिरफ्तार, ६.६५ लाख रुपये बरामद

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मथुरा। कोतवाली पुलिस ने सर्विलांस और साइबर टीम के सहयोग से करीब ११ लाख रुपये की ठगी करने वाले महिला समेत ५ अंतरराज्यीय साइबर ठग पकड़े हैं। इनके कब्जे से ६.६५ लाख रुपये, एटीएम कार्ड, मोबाइल और जरूरी कागजात बरामद किए हैं। पुलिस की कार्रवाई से साइबर ठगों में खलबली मच गई है।
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एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय ने इन ठगों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली पुलिस, साइबर और सर्विलांस की टीम को लगाया था। तीनों टीमों को आखिरकार कामयाबी मिल गई, जबकि ११ लाख रुपये की ठगी करने वाले महिला समेत ५ साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि कोतवाल संजय कुमार पांडेय, क्राइम इंस्पेक्टर अमित बैनीवाल, साइबर के एसआई प्रवीण मिश्र और सर्विलांस प्रभारी विकास शर्मा ने इन ठगों को पकड़ा है।
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पकड़े गए विशाल त्यागी उर्फ लक्की पुत्र वीरेंद्र कुमार त्यागी निवासी ग्राम मोहम्मदपुर कदीम, मोदीनगर गाजियाबाद हाल निवासी किराए का मकान नंबर 21 फ्रंट साइड सेकेंड फ्लोर ब्लॉक एक्सटेंशन वाणी बिहार डीके मोहन गार्डन उत्तम नगर पश्चिम दिल्ली, प्रिंस हिंदुजा पुत्र घनश्याम हिंदुजा निवासी बी 33 शीशराम पार्क उत्तम नगर, दिल्ली, कृष्ण कुमार उर्फ कृष्णा पुत्र सत्यवीर सिंह जाटव निवासी गुमानी गढ़ी सादाबाद, हाथरस हाल निवासी मोहल्ला गोपालपुर माउंटेन स्कूल के पास लक्ष्मीनगर जमुनापार, अजीत सिंह उर्फ शर्मा उर्फ पंडित पुत्र उदय सिंह कुशवाहा निवासी बड़ा गांव ढोलना, कासगंज हाल निवासी ई -16 सेकेंड फ्लोर कृष्णा गार्डन गोविंदपुरम बाबूधाम गाजियाबाद और महिला है। इनके कब्जे से ६.६५ लाख रुपये, ६ मोबाइल, ६ पास बुक, २ चेकबुक और 16 एटीएम कार्ड भिन्न भिन्न बैंकों के बरामद हुए हैं। गैंग का सरगना विशाल है।
गिरोह बनाकर करते थे साइबर ठगी
सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि आशीष कुमार पुत्र स्व. शोक कुमार अग्रवाल निवासी 38 एक सेक्टर गोविंदनगर मथुरा ने मुकदमा ७ दिसंबर २०२२ को दर्ज कराया था। बताया कि गिरोह ने कम ब्याज दर पर नया ऋण देने का प्रलोभन देकर पूर्व ऋण को चुकता करने एवं जानकारी प्राप्त कर मोबाइल पर फर्जी बैंक कर्मचारी बनकर साथियों के संग यह ठगी की थी। यह लोगों को फोन पर कम ब्याज पर ऋण देने का प्रलोभन देते थे। फिर इन लोगों से खातों की जानकारी प्राप्त करके उनके खातों से अपने व साथियों के खातों में रुपये स्थानांतरित कर निकाल लेते थे।
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