मथुरा। मोहर्रम यौमे आशूरा के दिन सभी ताजिये अपने-अपने इमामबाड़ों व घरों से उठकर शहर में प्रदर्शन करते हुए कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। हजरत इमाम हुसैन की याद में मुस्लिम समाज ने ताजिया दारी, अलमदारी के जुलूस सादगी और सौहार्दपूर्ण माहौल में निकाले।
मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद यूनुस गाजी ने बताया कि मंगलवार को 10 मोहर्रम को सभी मोहल्लों के ताजिए अपने-अपने इमामबाड़ों से उठाए गए। सौंख रोड, डीग दरवाजा, ईदगाह, मटिया गेट, मंडी रामदास, ठेक नारनौल, घीया मंडी आदि क्षेत्र के ताजिये भरतपुर गेट पर जमा हुए।
दरेसी, मनोहरपुरा का ताजिया भी भरतपुर गेट पर आ गया। वहां एकत्रित सभी ताजिये कोतवाली रोड होकर होली गेट पर पहुंचे। सदर बाजार के ताजिये होली गेट पर शामिल हुए। इन्हें छत्ता बाजार, स्वामी घाट, चौक बाजार जामा मस्जिद के सामने से वृंदावन गेट, लाल दरवाजा होते हुए कर्बला पहुंचे। सभी ताजियों को गमगीन माहौल में सादगी के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
इस मौके पर अबरार खान वारसी, भूरा शेख, डॉ. शबनम कुरैशी, नायब सचिव शारिक अली एडवोकेट, राजू फारुकी, बबलू कुरैशी, यासीन शाह, जहीर अब्बास जैदी, शहजाद बेग, मोहम्मद आरिफ कुरैशी, मोहम्मद चांद, गुड्डू खान, नौशाद खान, हाजी सूफी सईद कुरैशी, कायम भाई, जाहिद कुरैशी, नईम अब्बासी, आबिद कुरैशी, हाजी सलीम वारसी, आरिफ खान, मोहम्मद कासिम, सादान वारसी, अजलान वारसी आदि मौजूद रहे।