मथुरा। कोसीकलां पुलिस और एसओजी ने चार अंतरराज्यीय हथियार सप्लायर पकड़े हैं। इनके कब्जे से १९ पिस्टल-तमंचा और मैगजीन बरामद की हैं। राजस्थान, दिल्ली, यूपी और हरियाणा में यह सप्लाई करते थे। अवैध हथियार मध्य प्रदेश के खंडवा से खरीदकर लाते थे।
पुलिस लाइन में एसएसपी अभिषेक यादव ने पत्रकार वार्ता में बताया कि कोसीकलां के एसएचओ अनुज कुमार, एसओजी के अमित भाटी और राकेश यादव ने टीम के साथ चार हथियार सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। स्वतंत्रता दिवस को लेकर चलाए गए अभियान में यह चारो हथियार सप्लायर हत्थे चढ़े हैं।
पकड़े गए गिरीश कौशिक पुत्र रामनारायण निवासी मीरा विहार कॉलोनी लक्ष्मीनगर, मनोज पुत्र प्रेमपाल सिंह निवासी ओम कालेश्वर कॉलोनी टाउनशिप, दुर्गेश उर्फ दुर्गा पुत्र राजबहादुर निवासी गोरानगर कॉलोनी और करन सिंह पुत्र किशन सिंह निवासी मुरसान किला मुरसान हैं। इनके कब्जे से 9 पिस्टल 32 बोर, 11 तमंचे 315 बोर और 4 मैगजीन 32 बोर बरामद की गई हैं। यह हथियार राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और यूपी के जिलों में सप्लाई करते थे। इसके अलावा इनके अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
८ हजार में खरीदते, ३५ हजार तक बिकती थी पिस्टल
सीओ छाता गौरव त्रिपाठी ने बताया कि एमपी के खंडवा के पास एक गांव से ८ से १० हजार रुपये में गिरीश पिस्टल खरीदकर लाता था। फिर इन पिस्टलों को १८ से २० हजार रुपये में मनोज, दुर्गेश और करन सिंह को बेचता था।
इसके बाद यह तीनों इन पिस्टलों ३० से ३५ हजार रुपये में बेच दिया करते थे। अभी तक करीब २३ पिस्टल बेची हैं। तमंचा हाथरस मेड है, जो करन सिंह ३ से ४ हजार रुपये में बेचा करता था। यह तमंचा बनाने का कारीगर भी है।
महाकाल ग्रुप से जुड़ने के बाद गिरीश खरीदने गया पिस्टलें
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मीणा ने बताया कि पकड़ा गया हथियार सप्लायर गिरीश संस्कृति विवि से एमटेक कर रहा है। बीटेक में मध्य प्रदेश के एक छात्र से उसकी मुलाकात हो गई। इस छात्र ने गिरीश को मध्य प्रदेश के महाकाल ग्रुप में जुड़वा दिया।
इस ग्रुप को चलाने वाला फिलहाल पंजाब पुलिस की गिरफ्त में हैं। इस ग्रुप के सहारे से हथियार सप्लायरों से हुई जान पहचान के बाद गिरीश ने इस तरफ कदम बढ़ा दिया। उसके बाद एमपी के खंडवा के पास से यह पिस्टल लेकर सप्लायर करने लगा। एक पिस्टल पर करीब १० हजार रुपये कमाई करता तो आगे खरीदने वाले भी १० से १५ हजार रुपये एक पिस्टल पर कमाते थे।
राधे-राधे की तलाश, चढ़ा हत्थे तो होगा बड़ा खुलासा
एसपी देहात श्रीशचंद ने बताया कि हाथरस के राधे-राधे की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। यह राधे-राधे हथियार सप्लाई का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। हालांकि दिल्ली की रोहिणी पुलिस ने उसे दबोचा था। फिलहाल वह अब जेल से बाहर है। पुलिस के हत्थे अगर राधे-राधे चढ़ता है तो हथियार सप्लाई की काफी बड़ी खेप तो बरामद होगी, वहीं हथियार खरीदने वाले भी बेनकाब होंगे।