वृंदावन (मथुरा)। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की बुधवार को छटीकरा मार्ग स्थित चिंतामणि कुंज में हुई बैठक में न्यास अध्यक्ष अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान अब अतिक्रमण मुक्त होना ही चाहिए। ये मुद्दा हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है और अब हिंदु समाज श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर नया मंदिर देखना चाहता है।
उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है, अदालत से अपील है कि इस मामले के एक अलग न्यायालय की स्थापना करनी चाहिए ताकि लगातार इस मामले में सुनवाई हो और निर्णय जल्द से जल्द आ सके और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर दिव्य और भव्य मंदिर का निर्माण हो सके।
महंत डॉ. आदित्यनंद ने कहा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर मुगलों के अतिक्रमण को मिटने का समय आ गया है। अदालत को मामले को गंभीरता से लेकर लगातार सुनवाई करनी चाहिए ताकि हिंदुओं को उनका हक मिल सके। महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद ने कहा अब हमें अदालत के आदेश का इंतजार ही अब बाकी रह गया है। अब दुनियाभर में करोड़ों भगवान श्रीकृष्ण के अनुयायी उनके जन्मस्थान पर दिव्य और भव्य मंदिर देखना चाहते हैं।
आचार्य बद्रीश ने कहा श्रीकृष्ण जन्मस्थान अतिक्रमण मुक्त होना चाहिए। अंत में बैठक में मौजूद संत, महंत, धर्माचार्यों ने बेटी अंकिता की निर्मम हत्या पर दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। बैठक में श्यामानंद पंडित, मनमोहन दास, महंत मोहनीशरण, देवानंद पंडित, सौरभ गौड़, ब्रजबिहारी गौतम, श्रीदास प्रजापति, राधामोदन दास, कार्ष्णि नागेंद्र महाराज थे।