जिले में 4.71 लाख से अधिक कार्डधारक परिवार सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर मिलने वाले राशन का इंतजार कर रहे हैं। नवंबर और दिसंबर माह के राशन का वितरण जनपद में छह जनवरी से शुरू होना था, जो अब तक नहीं हो सका है। इसका कारण नई व्यवस्था के कारण दुकानों पर राशन का अब तक न पहुंच पाना है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निशुल्क खाद्यान्न के वितरण की व्यवस्था की है। इस व्यवस्था के तहत जनपद में 4.71 लाख कार्डधारकों को फ्री राशन दिया जाना है। इसमें पात्र गृहस्थी के कार्डधारक परिवार 4.29 लाख तथा अंत्योदय योजना के कार्डधारक परिवार 41437 है। यह परिवार नवंबर और दिसंबर माह के राशन का अब तक इंतजार कर रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी सतीश मिश्रा के घोषित कार्यक्रम के तहत यह वितरण छह जनवरी से होना था, लेकिन यह तिथि भी निकल चुकी है।
इस योजना में सरकार ने गेहूं और चावल का वितरण फ्री करने का फैसला किया है, जो पूर्व में दो रुपये प्रति किलो गेहूं और तीन रुपये प्रति किलो चावल की दर से मिलता था। इसमें पात्र गृहस्थी कार्ड पर दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल प्रति यूनिट तय है। बताया जाता है कि राशन को दुकानों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार ने विभिन्न एजेंसियों को दी है, लेकिन यह एजेंसी जनपद में राशन की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित नहीं कर पा रही है। इसके चलते जनपद में नवंबर-दिसंबर माह के राशन का वितरण अब तक शुरू नहीं हो सका है।
जिला पूर्ति अधिकारी सतीश मिश्रा ने बताया कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों तक खाद्यान्न न पहुंचने के कारण राशन का वितरण नहीं हो सका है। हालांकि कुछ स्थानों पर आपूर्ति हो गई है, जहां वितरण के निर्देश तय तिथि के अनुरूप करने के निर्देश दिए गए हैं।