शासन को भेजा मंकी सफारी का प्रस्ताव
ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष पंडित सुरेश चंद्र शर्मा ने ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने पर जोर दिया। बैठक में महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने कहा कि बंदरों के बढ़ते उत्पात को रोकने के लिए नगर निगम प्रशासन द्वारा शासन को मंकी सफारी बनाए जाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। वहीं आगामी दिनों में पांच हजार बंदर पकड़ने की अनुमति को लेकर भी वन विभाग से अनुमति की कार्रवाई अंतिम चरण में चल रही है।
सीओ सदर प्रवीण मलिक ने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नए ट्रैफिक प्लान पर काम चल रहा है। एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी रूप में ई-रिक्शा और टेंपो का अवैध संचालन नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में नगर निगम के उपसभापति राधा कृष्ण पाठक, ब्राह्मण सेवा संघ के संस्थापक चंद्र लाल शर्मा, व्यापार मंडल के चेयरमैन धर्मेंद्र अग्रवाल बॉबी, आलोक बंसल, सत्यभान शर्मा, बृज किशोर पचौरी, अभय वशिष्ठ, गोविंद खंडेलवाल , दंपत किशोर दीक्षित, विवेक गौतम, समीर शुक्ला व सुधीर शुक्ला थे।
यह हुआ समझौता
वृंदावन में मंकी सफारी नहीं बनाई जाती है तब तक नगर निगम बंदरों को खाने के लिए प्रत्येक वार्ड में एक कुंतल चने और फल प्रतिदिन भोजन का इंतजाम करेगी। वृंदावन के अंदर 1500 ई-रिक्शा का ही रजिस्ट्रेशन होगा। प्रत्येक ई-रिक्शा पर बार कोड होगा, जिसमें उसका संपूर्ण विवरण होगा। किराया का मूल्य भी तय हुआ जो निगम नगर में डिस्प्ले करेगा। स्थानीय व्यक्तियों के लिए स्थानीय आईडी व पास से आने जाने की अनुमति होगी। इस आईडी से अपने रिश्तेदारों की गाड़ी पास कराई जा सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने 15 दिन का समय दिया है समझौता लागू करने के लिए अन्यथा आंदोलन सर्व सहमति से अनवरत होगा।