ठाकुर बांके बिहारी की मंगला आरती में मौजूद गोस्वामी जन और भक्त ।
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में साल में एक बार होने वाले मंगला आरती के दर्शन मंगलवार की अर्धरात्रि 1:55 बजे हुए। श्रद्धालुओं ने आसानी से आराध्य के दर्शन किए। सीमित संख्या में परिसर के अंदर खड़े होने के आदेश के चलते कई सेवायत पास न होने के कारण इस आरती से वंचित रह गए।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आम दिनों की तरह सुबह 7:45 से 12 बजे तक और शाम को 5:30 से 9:30 बजे तक ही मंदिर के दर्शन खुले। रात 9:30 बजे बिहारीजी की शयन आरती उपरांत फिर से लाइन में लगे भक्तों को करीब 12 से 2 बजे तक गलियों से भी बाहर रखा गया। जन्माष्टमी की रात 12 बजे से मंदिर चबूतरे पर परपंरानुसार आम भक्तों के लिए आयोजित होने वाली कृष्णजन्म की कथा में चुनिंदा लोग ही शामिल हो सके। प्रबंधकीय प्रतिबंधों से प्रभावित हुई परंपरा से आम भक्तों को कष्ट हुआ।
सेवायतों के एंट्री पास निर्धारित समय से नहीं पहुंचने के कारण अधिकतर सेवायत मंगला आरती करने पहुंचे ही नहीं। फिर भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहे फोटो व वीडियो में मंदिर प्रांगण काफी भरा दिख रहा है।। लगातार दूसरी साल मंगला आरती के दर्शनों से वंचित रहे स्थानीय वाशिंदे और यात्री प्रशासन के साथ ही साथ मंदिर सेवायतों को भी कोसते दिखे।
सेवायत इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी कहते हैं कि वर्ष 2016-17 में मंदिर संबंधित उच्च न्यायालय के आदेश के तहत सभी उत्सव दोनों समय आयोजित होते हैं। नंदोत्सव भी दोनों समय मनाने के लिए संबंधित लोगों को अदालत की शरण में जाना होगा। बुधवार को नंदोत्सव के शयनभोग सेवाधिकारी आचार्य आनंद बिहारी गोस्वामी ने शाम को अनेक उपहार लुटाकर नंदोत्सव मनाया, जिन्हें मंदिर चौक में उपस्थित भक्तों ने ठाकुर बांकेबिहारी लाल के जयकारे लगाते हुए बड़े जोशोखरोश के साथ बटोरा।