मथुरा। 17 सितंबर को गिरिराज महाराज को लगाए जाने वाले छप्पन भोग कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र का विमोचन श्री गिरिराज सेवा समिति के पदाधिकारियों ने किया। बताया कि प्रभु का शृंगार सोने, चांदी, हीरे-मोती, पन्ना, नीलम, पुखराज, माणिक, मूंगा, नवरत्नों से वैष्णव संप्रदाय के पंडित शरद मुखिया करेंगे।
समिति संस्थापक मुरारी अग्रवाल, अध्यक्ष दीनानाथ रामभवन, महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती ने गिरिराज जी की छवि के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समिति के महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती ने बताया कि 17 सितंबर को गोवर्धन की बड़ी आन्यौर परिक्रमा मार्ग की गिरि तलहटी में गाय के शुद्ध घी से 21 हज़ार किलो 56 भोग प्रसाद वैष्णव विधि से तैयार होगा। दर्शन दोपहर 3 बजे से रात्रि 12 बजे तक होंगे।
इसकी तैयारियां पिछले एक माह से की जा रही हैं। कोलकाता और उड़ीसा के कारीगर 100 फुट ऊंचा राजमहल ब्रज शैली में बना रहे हैं। पूरी तलहटी को सजाने के लिये थाईलैंड मॉरीशस और मलेशिया से विदेशी फूल मंगाए गए हैं। तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत 15 सितंबर को दुग्ध धारा परिक्रमा से होगी। 16 सितंबर को सुबह प्रभु का पंचरत्न महाभिषेक सात नदियों गंगा यमुना कृष्णा चिनाव गोदावरी नर्मदा ब्रह्मपुत्र के पवित्र जल और जड़ी बूटियों से होगा, शाम 7 बजे से स्वामी हरिदास संगीत समारोह में देश के प्रसिद्ध भजन गायक गोविंद भार्गव की संध्या होगी।