वृंदावन। दक्षिण भारतीय शैली के रंग मंदिर में चल रहे दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव (रथ का मेला) के चौथे दिन शनिवार सुबह भगवान गोदारंगमन्नार ने प्रात: चांदी के शेषजी एवं शाम को कल्पवृक्ष की सवारी पर विराजमान होकर भ्रमण किया। वहीं शुक्रवार रात भगवान की भव्य सवारी के पहुंचने पर परंपरानुसार रंगजी के बगीचे में आतिशबाजी की गई।
शनिवार सुबह रंगजी मंदिर में भगवान गोदारंगमन्नार, भूदेवी एवं श्रीदेवी का दर्जनों अर्चकों द्वारा विधि-विधान से मंत्रोच्चारों के बीच पूजन अर्चन किया। भगवान के श्रीविग्रहों को चांदी के शेषजी और शाम को कल्पवृक्ष की सवारी पर विराजमान होकर भ्रमण कराया। ठाकुरजी की भव्य सवारियों के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
भगवान गोदारंगमन्नार की सवारी मंदिर से धूमधाम के साथ चलकर रंगजी के बड़े बंगीचे में पहुंची। जहां कुछ समय के विश्राम के बाद पुन: गाजेबाजे के साथ मंदिर पहुंची। रंगजी के बगीचे में आतिशबाजी की गई। तरह-तरह की आतिशबाजी के नजारे पेश किए गए, जिन्हें देखकर भक्तजनों ने आनंद लिया।