- विद्युत निगम द्वारा सॉफ्टवेयर अपडेट करने का चल रहा कार्य
- उम्मीद से अधिक बिल देख घबरा रहे लोग
- तकनीकी खामी बताकर अधिकारी दे रहे दिलासा
- बिल सही कराने के लिए उपभोक्ताओं लगाने पड़ रहे विद्युत कार्यालय के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। विद्युत निगम द्वारा सॉफ्टवेयर अपडेट करने की कवायद विद्युत उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। प्रतिमाह बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर बकाया दिखाया जा रहा है, वहीं कई उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने बिल जमा किया है फिर भी उनके पास बिल आ गया। ऐसे उपभोक्ता विद्युत निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं और अधिकारी उन्हें तकनीकी खामी बताकर दिलासा दे रहे हैं।
केस-1. औरंगाबाद 33/11 केवी सब स्टेशन से पोषित कदंब बिहार काॅलोनी निवासी डोरीलाल शर्मा ने बताया कि उनका अगस्त माह का बिल 9493 रुपये आया, जो आनलाइन जमा कर दिया। इसके बाद 4 अक्तबर को फिर से 41 हजार 212 रुपये 68 पैसे का बिल भेज दिया। एसडीओ सौरभ मिश्रा से मिले तो उन्होंने तकनीकी कमी बताते हुए बिल सही करने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक सही नहीं हुआ।
केस-2. औरंगाबाद के माली मोहल्ला निवासी रमनलाल का एक किलोवाट का कनेक्शन है। चार जुलाई को मीटर खराब हो गया। नया मीटर लगा तो पता चला कि 1247 रुपये बिल के बन रहे हैं। इसके बाद तीन माह तक बिल नहीं आया। अप्रैल और मार्च माह में उन्होंने 13 हजार रुपये बकाया जमा करा दिया था। दो अक्तूबर को उनके पास 43 हजार 446 रुपये का बिल बनाकर भेज दिया। जबकि उनका एक किलोवाट का कनेक्शन हैं और प्रतिमाह 500 से 600 रुपये का बिल आता है।
केस 3. कदंब बिहारी निवासी राधेश्याम ने बताया कि उन्हें जुलाई का बिल नहीं दिया, सितंबर में दो माह का चार हजार रुपये का बिल आया, जो जमा करा दिया। सात अक्तूबर को 2583 रुपये का बिल आया, जो 11 अक्तूबर की सुबह जमा किया। इसके बावजूद अक्तूबर माह का ही 2608 रुपये का फिर से बिल आ गया। एसडीओ औरंगाबाद से बात की तो बताया कि तकनीकी कमी के कारण ऐसा हो सकता है।
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सॉफ्टवेयर अपडेट करने का कार्य चल रहा है। इस कारण कुछ गड़बड़ी हो रही है। जिन लोगों के पास अधिक बिल आ रहे हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। वे कार्यालय आकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- सौरभ मिश्रा, एसडीओ औरंगाबाद