मथुरा में करीब चार वर्ष पहले छाता के गांव चंदौरी में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या के मामले में तीन दोषियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में नामजद एक अभियुक्त वारदात के बाद से ही जेल में बंद था।
ये है मामला
घटना 17 मई 2019 की है। दिल्ली में कार चलाने वाला विनोद छाता कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदौरी में अपने घर आया हुआ था। उसे कार खरीदने के बहाने गांव का ही रहने वाला मित्र गुलाब सिंह अपने साथ ले गया। विनोद के पास एक लाख रुपये थे। गुलाब ने बताया कि एक लाख वह स्वयं देगा और दोनों मिलकर कार चलाएंगे। देर शाम तक विनोद घर नहीं आया तो पत्नी रेखा, बेटा नितिन और पिता चंदन सिंह उसे देखने गए। गांव के प्राइमरी स्कूल में वह गुलाब व अन्य के साथ शराब पीता मिला। परिजन ने घर चलने को कहा तो गुलाब ने कहा, उसे जल्द ही भेज देंगे, लेकिन विनोद रात भर घर नहीं आया।
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खून से लथपथ मिली थी लाश
परिजन अगले दिन सुबह स्कूल पहुंचे तो देखा विनोद लहूलुहान हालत में मृत पड़ा था। उसे गोली लगी थी। नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने गुलाब सिंह पुत्र कमल सिंह, दीपक पुत्र देवीराम तथा दिनेश पुत्र चतर सिंह निवासी चंदौरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनमें से दीपक को छोड़कर अन्य को जमानत मिल गई थी।
सुनाई गई सजा
केस की सुनवाई के बाद एडीजे तृतीय संतोष कुमार तीनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीजीसी भीष्म दत्त सिंह तोमर ने बताया कि केस में दस लोगों की गवाही कराई गई है। जर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। फैसले की बाद गुलाब सिंह और दिनेश को जेल भेज दिया गया।