- फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने सुनाई सजा, 10 हजार का जुर्माना भी लगाया
- 18 अगस्त 2016 को महिला की गला दबाकर की थी हत्या
- सड़क हादसा दिखाने के लिए रोड किनारे फेंक दिया था शव
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम राकेश सिंह की अदालत ने बृहस्पतिवार को पत्नी के हत्यारोपी पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने बताया कि अलीगढ़ निवासी मुकेश कुमार ने रिपोर्ट में बताया था कि उन्होंने बेटी तुलसी की शादी सोनू निवासी किशोरपुरा गांधीनगर, वृंदावन के साथ 24 फरवरी 2014 को की थी। शादी के बाद से पति और अन्य ससुरालीजनअतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करने लगे थे। इसके बाद बेटी को घर से निकाल दिया। 18 अगस्त 2016 को किसी प्रकार दामाद सोनू को घर बुलाया और समझा-बुझाकर बेटी को उसके साथ रवाना किया। रात 10 बजे तक जब बेटी ससुराल नहीं पहुंची और सोनू ने भी फोन नहीं उठाया तो वह वृंदावन गए। वहां गुरुकुल विद्यालय के सामने उनकी बेटी का शव सड़क किनारे पड़ा मिला। पास में ही दहेज में दी गई मोटरसाइकिल भी पड़ी थी। पुलिस जांच में पता चला कि सोनू ने तुलसी की गला दबाकर हत्या के बाद शव को सड़क किनारे फेंक मामले को हादसा दर्शाने की कोशिश की है। इसी षड्यंत्र के तहत सोनू खुद भी अस्पताल में भर्ती हो गया था। एडीजीसी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। एफआईआर में पीड़ित पिता ने सास व बेटी को दो देवरों को भी आरोपी बनाया, लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में उन्हें आरोपी नहीं पाया और चार्जशीट में से नाम निकाल दिए। ट्रायल के दौरान मृतका के पिता, भाई, विवेचक और डॉक्टर आदि की गवाही कराई गई। अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर सोनू को हत्या का दोषी करार देते हए उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।